जिला परिषद कैडर के कर्मचारी और पंचायत सचिव हड़ताल को लेकर राज्य सरकार खामोश क्यों?

हिमाचल प्रदेश के जिला सोलन में 11वें दिन भी जिला परिषद कैडर कर्मचारियों की पेन डाउन हड़ताल जारी रही। इस दौरान कर्मचारियों ने कहा कि जब तक पंचायती राज और ग्रामीण विकास विभाग में उनका विलय नहीं किया जाता है। तब तक हड़ताल जारी रहेगी।

संगडाह  BDO कार्यालय के बाहर हड़ताल पर बैठे जिला परिषद कैडर कर्मचारी व अधिकारी हड़ताल के संदर्भ में सरकार के साथ वार्ता भी की गई। लेकिन, नतीजा सिफर रहा। कहा कि सरकार की तरफ से जो जवाब दिया गया, उससे वह संतुष्ट नहीं हैं। कहा कि उनकी मांग पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है। सरकार के लचर रवैया के चलते ही हड़ताल जारी रखनी पड़ रही है।

 

 

बता दें कि पिछले 11 दिनों से अपनी मांगों को लेकर कर्मचारी हड़ताल पर हैं। इससे जिले की 240 पंचायतों में कामकाज ठप पड़े हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। विभिन्न पंचायतों में कार्यरत सचिव, कनिष्ठ अभियंता, तकनीकी सहायक (जिला परिषद कैडर अधिकारी/कर्मचारी) पिछले 22 वर्षों से ग्रामीण विकास विभाग या पंचायती राज विभाग में विलय की मांग कर रहे हैं।

कर्मचारियों का आरोप है कि एक ही कार्यालय में बराबर के पदों पर कार्यरत अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए अलग-अलग पॉलिसी सरकार के सौतेले व्यवहार को दर्शाती है। कहा कि हाल ही में ग्रामीण विकास विभाग या पंचायती राज विभाग के कर्मचारियों को छठे वेतनमान का लाभ मिला। लेकिन, जिला परिषद कैडर के अधिकारी व कर्मचारी लाभ से वंचित हैं।