TEDx SRCC: सामाजिक कार्यकर्ता हरतीरथ सिंह ने साझा किए कोरोना काल के अनुभव, कहा- सेवा ही धर्म

युवाओं में छिपी नवोन्मेषी क्षमता को निखारने और उन्हें विचारों के जरिए नई परिभाषाएं गढ़ने का अवसर देने के लिए एशिया के सबसे प्रतिष्ठित श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (एसआरसीसी) में तीन जुलाई यानी आज टेडएक्स कार्यक्रम का आयोजन हो रहा है। इसमें पर्वतारोही अजीत बजाज, गीतकार जावेद अख्तर और अन्ना हजारे ने युवाओं का मार्गदशन किया है। अब युवा उद्यमी अंकुर वारिकू कार्यक्रम को सबोधित कर रहे हैं। इनके बाद कई और शख्सियतें युवाओं का मार्गदर्शन करेंगी। इस आयोजन से अमर उजाला मीडिया पार्टनर के रूप में जुड़ा है। ‘टेडेक्स एसआरसीसी’ कार्यक्रम की थीम ‘पहचान की पहेली’ रखी गई है।

कार्यक्रम की शुरुआत एक वीडियो दिखाने के साथ की गई, जिसमें सवाल उठाए गए कि आखिर हम क्या कर रहे हैं और क्यों कर रहे हैं, कहां और किसके लिए कर रहे हैं? बता दें कि ‘टेडएक्स एसआरसीसी’ में शामिल होने वाले युवा नए विचारों को तो सामने रखेंगे ही, इसके साथ ही दुनिया के विभिन्न हिस्सों में हुए नूतन अनुसंधानों से भी रूबरू कराएंगे।

युवाओं से बोले अन्ना- व्यर्थ लगने लगी थी जिंदगी, फिर बनाया ध्येय
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने युवाओं को संबोधित किया। अन्ना हजारे ने कहा कि युवावस्था में मन में बहुत अलग-अलग ख्याल आते हैं। उनके मन में भी ऐसे ख्याल आए। उन्होंने कहा, 25 साल की उम्र में मेरे मन में सवाल आने लगे कि आखिर जीवन क्या है? किस लिए जीते हैं लोग? इसके बाद आत्महत्या के ख्याल मन में आने लगे। जिंदगी एकदम व्यर्थ लगने लगी थी।
अन्ना हजारे को कैसे मिली जीवन जीने की प्रेरणा?
उन्होंने कहा कि इसी दौरान किसी काम से दिल्ली जाना हुआ। दिल्ली रेलवे स्टेशन पर एक बुक स्टॉल पर स्वामी विवेकानंद की किताब दिखाई दी, जिसे खरीद लिया। किताब को पढ़ा तो जिंदगी की डोर हाथ लग गई। विवेकानंद ने लिखा था कि पूरे जीवन का ध्येय बनाइए। ध्येय सुनिश्चित करने के बाद मंजिल की ओर से आगे बढ़िए। जब मंजिल की राह पर चलेंगे तो कई तरह की मुसीबतें आएंगी। बस तभी मुझे अपने सवालों का जवाब मिल गया और उसके बाद निश्चय किया कि सेवा करनी है। अन्ना ने कहा कि बस चल पड़ा मंजिल पर, कई तरह की मुश्किलें भी आईं। खाने को पैसे नहीं, बस में सफर के लिए पैसे नहीं, कहीं जाने पर ठहरने के पैसे नहीं। लेकिन बढ़ता गया। छोटे-छोटे प्रयास करता गया और उनमें सफलता भी मिली।

युवाओं का अन्ना की सीख – जिंदगी का ध्येय सुनिश्चित कीजिए
84 वर्षीय अन्ना हजारे ने युवाओं से धूम्रपान, तंबाकू और शराब या अन्य तरह नशा न करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि ये कोई अच्छी चीज नहीं है। उन्होंने युवा शक्ति से अपील की कि युवाओं में शक्ति का भंडार है, देश को युवाओं की जरूरत है। देश में तमाम तरह की समस्याएं हैं, जिनको युवा ही खत्म कर सकते हैं। इस दौरान उन्होंने दिल्ली में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए गए आंदोलन समेत कई अन्य आंदोलनों और कार्यों का जिक्र किया। उन्होंने युवाओं से कहा कि देश में अलग-अलग क्षेत्रों में आप लोगों की जरूरत है। आप जिंदगी का ध्येय बनाइए और चल पढ़िए अपनी मंजिल पर।