Smart Meters : स्मार्ट बिजली मीटर बदलने का काम रुका, शिमला और धर्मशाला में खत्म हुई पहली खेप

हिमाचल में स्मार्ट शहरों में बिजली मीटर बदलने का काम रुक गया है। कंपनी से मिली 20 हजार मीटर की पहली खेप अब खत्म हो रही है और पिछले करीब एक माह से दूसरी खेप बिजली बोर्ड को नहीं मिल पाई है। शिमला और धर्मशाला दोनों शहरों में आधुनिक बिजली के मीटर लगाए जा रहे हैं। मोबाइल से बिजली रिचार्ज होगी और बिल देने के लिए बोर्ड कार्यालय नहीं जाना होगा। एक बार रिचार्ज के बाद बिजली का निरंतर इस्तेमाल किया जा सकता है। शिमला में उपभोक्ताओं को अक्तूबर माह के बिल नहीं दिए हैं। मीटर बदलने का क्रम शुरू होने के बाद बोर्ड ने इन बिलों को रोक दिया था, ताकि इन्हें नए मीटरों के साथ अपडेट किया जा सके। शुरुआती खेप खत्म हो चुकी है और अब बोर्ड दूसरी खेप का इंतजार कर रहा है। 15 हजार मीटर की खेप दिसंबर के पहले सप्ताह में हिमाचल पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। धर्मशाला शहर को इस खेप से पांच हजार जबकि शिमला शहर को दस हजार मीटर मिलने की उम्मीद है। खेप आने में हुई देरी को देखते हुए बोर्ड ने धर्मशाला में उपभोक्ताओं को बिल बांटने शुरू कर दिए हैं। हालांकि शिमला में अभी तक उपभोक्ता इंतजार में ही हैं। सहायक अभियंता शिमला रविंद्र ठाकुर ने बताया कि बिजली के बिल नए मीटर लगाने की वजह से बंद किए हैं। उपभोक्ताओं को परेशानी न हो इसके लिए बिल में सरचार्ज नहीं लगाया जाएगा। महीने के हिसाब से बिलों की वसूली होगी। बाद में ज्यादा बिल आने की शिकायत आती है, तो बोर्ड में शिकायत की जा सकती है और जांच के बाद बिल में कटौती कर सकता है।

सप्लाई आते ही जल्द शुरू होगा काम
अधीक्षण अभियंता शिमला लोकेश ठाकुर ने बताया कि बिजली मीटर की खेप खत्म हो गई है। कंपनी से बातचीत चल रही है। 15 हजार मीटर मंगवाए गए हैं। दिसंबर के पहले सप्ताह में खेप मिल जाती है तो नए मीटर लगाने के अभियान में तेजी आएगी।

धर्मशाला में दोबारा दे रहे बिजली का बिल
अधीक्षण अभियंता धर्मशाला ई. जफर इकबाल ने बताया कि मीटर की खेप आने में देरी हुई है। दिसंबर के पहले सप्ताह में पांच हजार नए मीटर धर्मशाला को मिल सकते हैं। इस बारे में संबंधित कंपनी से बातचीत चल रही है। उपभोक्ताओं को बिजली बिल दोबारा देने शुरू कर दिए हैं। अब तक करीब सात हजार घरों में बिजली के नए मीटर लगाए जा चुके हैं। नई खेप मिलते ही 100 फीसदी लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा।