Shehla Rashid News: जब शेहला ने कन्हैया और खालिद की रिहाई को किया था आंदोलन, अनुच्छेद 370 हटाने पर दिए कई विवादित बयान

पिता के साथ विवादों के कारण चर्चा में आईं जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी की पूर्व उपाध्यक्ष और छानपोरा की रहने वाली शेहला रशीद का विवादों से पुराना नाता रहा है। पहली बार वह तब चर्चा में आई जब फरवरी 2016 में जेएनयू के तत्कालीन छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार और उमर खालिद के राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तारी के बाद शेहला ने नई दिल्ली में प्रदर्शन किए थे।

 

इसके बाद वह लगातार सुर्खियों में रहीं। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने को लेकर शेहला ने कई विवादित बयान दिए थे और उसका विरोध भी किया था। इतना ही नहीं शेहला ने 18 अगस्त, 2019 को कई ट्वीट कर सुरक्षा बलों पर कश्मीरियों पर अत्याचार करने के भी आरोप लगाए थे।

हालांकि सेना ने इन आरोपों को झूठा बताया था। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने शेहला के खिलाफ राजद्रोह का केस दर्ज किया था। फिलहाल वह अपने पिता हिलाल अहमद शोरा के देश विरोधी कार्यों में संलिप्तता जैसे संगीन आरोपों के बाद एक बार फिर सुर्खियों में हैं।

राजनीति में भी हाथ आजमा चुकी हैं शेहला
शेहला ने एनआईटी श्रीनगर से इंजीनियरिंग की। कुछ समय तक नौकरी करने के बाद वह सामाजिक आंदोलनों से जुड़ गईं। शेहला राजनीति में भी हाथ आजमा चुकी है। पहले वह नेशनल कॉन्फ्रेंस में शामिल हुई थीं और बाद में जेकेपीएम से जुड़ गई थीं। हालांकि बाद में उन्होंने चुनावी राजनीति से संन्यास का एलान कर दिया था।

 

शेहला रशीद के पिता हिलाल अहमद शोरा के देशद्रोह के आरोपों को शाह फैसल ने सिरे से नकार दिया है। आईएएस इस्तीफा देकर जम्मू कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट (जेकेपीएम) को लांच करने वाले शाह फैसल ने कहा, मेरा नाम एक पूर्व सहकर्मी के पारिवारिक विवाद में घसीटा गया है।
मैंनें आतंकवाद से जुड़े किसी भी व्यक्ति से न तो मुलाकात की है और न ही प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सलाह ली है और न ही उनसे समर्थन या लाभ लेने की बात की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में भी 2018 में मैं काफी सतर्क रहा और ऐसा कुछ नहीं किया जिससे और देश की सुरक्षा और अखंडता को नुकसान पहुंचे। मैं अपनी सीमाएं जानता हूं। किसी भी जांच के लिए भी तैयार हूं।

जेकेपीएम के पूर्व अध्यक्ष फिरोज पीरजादा ने कहा कि बिना किसी ठोस सबूत के इस विवाद में मेरा नाम घसीटा गया है। शेहला के पिता अगर अपने बयान को वापस नहीं लेते तो उन पर कानूनी कार्रवाई करेंगे। वह जेकेपी, एनआईए, सीबीआई, ईडी आदि एजेंसियां अगर मुझे जांच के लिए बुलाती हैं वह सहयोग करेंगे।  वह शेहला के पिता से कभी मिले हैं और न ही उनसे कभी कोई बात हुई है। आज तक कभी जहूर वटाली से न तो मिले हैं और न ही उनके बारे में सुना है। जेकेपीएम में शाह फैसल के नाम और उनके आईएएस टैग को देख कर शामिल हुए थे।