इस्तीफा बीजेपी अध्यक्ष को नहीं, बल्कि इस्तीफा स्वास्थ्य मंत्री का बनता था: विक्रमादित्य सिंह

शिमला: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल के इस्तीफे के बाद कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह ने भाजपा पर निशाना साधा है. विक्रमादित्य सिंह ने बिंदल के इस्तीफे को सियासी ड्रामा करार देते हुए कहा कि बिंदल का इस्तीफा लोगों की आंखों में धूल झोंकने वाला है. बीजेपी नैतिकता की बात कर रही है तो इस्तीफा बीजेपी अध्यक्ष को नहीं, बल्कि इस्तीफा स्वास्थ्य मंत्री का बनता था. स्वास्थ्य मंत्रालय मुख्यमंत्री के पास है उन्हें इस्तीफा देना चाहिए था.

बिंदल को बताना चाहिए पूरा मामलावायरल ऑडियो मामले में विक्रमादित्य ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाया है. उन्होंने ने कहा कि इस मामले में बीजेपी के कई लोगों का हाथ लग रहा है. बिंदल को भी यह स्पष्ट करना चाहिए कि पूरा मामला क्या है और कौन-कौन लोग इसमें शामिल हैं. इसके अलावा निदेशक के सेवा विस्तार के लिए कौन नेता सिफारिश कर रहे थे, इसका भी खुलासा होना चाहिए.

विक्रमादित्य ने कहा कि प्रदेश की जनता ने अपने खून पसीने की कमाई को सीएम कोविड फंड में दान दिया. उस पैसे को ही ये नेता इस तरह से हड़पने में लग गए, इसके लिए प्रदेश की जनता माफ नहीं करेगी. उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति ने ऑडियो वायरल किया उसके बीजेपी नेताओं के साथ क्या संबंध है. इसकी जांच भी होनी चाहिए. विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि विजिलेंस पर जांच का भरोसा नहीं है इस घोटाले की जांच सीबीआई या रिटायर्ड जज से होनी चाहिए, ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके.क्या है पूरा मामलाबता दें कि कुछ दिन पहले स्वास्थ्य विभाग के निदेशक अजय गुप्ता का एक ऑडियो वायरल हुआ था. 40 सेकेंड के ऑडियो में स्वास्थ्य उपकरणों की खरीद को लेकर 5 लाख के लेन-देन की बात हो रही थी.

ऑडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य निदेशक को विजिलेंस ने गिरफ्तार कर पांच दिन के रिमांड पर भेज दिया था.इस ऑडियो ने बीजेपी सरकार और संगठन को हिला कर रख दिया है. बीजेपी के अपने ही वरिष्ठ नेता ऑडियो वायरल होने के बाद सरकार पर सवाल उठा रहे थे और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं. विपक्ष भी इस कथित घूसकांड में बीजेपी के कई नेताओं के शामिल होने की बात कह रहा था.