कोरोना में वृद्धि का कारण, विवाह में बरती गई ढील : मुख़्यमंत्री

शिमला. हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट (High Court) ने प्रदेश सरकार को दिशा-निर्देश दिया था कि सरकार बाहर से आने वालों का कोरोना टेस्ट (Corona Test) जरूरी करने पर विचार करे. इस पर अब सरकार की ओर से बयान आया है. प्रदेश सरकार का कहना है कि कोरोना वायरस (Corona Virus) के प्रसार को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं.
प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने यहां बताया कि कुछ समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचारों से आभास हो रहा है कि राज्य सरकार प्रदेश में आ रहे लोगों का कोविड-19 (COVID-19) परीक्षण शुरू करने पर विचार कर रही है.
क्या बोले सीएम जयराम
शिमला में सचिवालय के बाहर सीएम जयराम ठाकुर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अब तक प्रदेश सरकार की ऐसी कोई भी योजना नहीं है, क्योंकि पिछले दो माह से कोविड-19 के मामलों में वृद्धि लोगों द्वारा विशेषकर सामाजिक समारोह जैसे विवाह आदि में बरती गई ढील के कारण हुई है. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने सभी उपायुक्तों को ऐसे कार्यक्रमों में अधिकतम 50 लोगों के शामिल होने की शर्त का सख्ती से पालन करने को कहा है.साथ ही सीएम ने कहा कि वह हाईकोर्ट के दिशानिर्देशों का अवलोकन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कोविड-19 मामलों की बढ़ती संख्या के दृष्टिगत सभी सार्वजनिक कार्यक्रमों पर पाबंदी लगाई है. उन्होंने कहा कि सरकार के सभी कार्यक्रम वर्चुअली आयोजित किए जा रहे है, जिनमें अधिकतर 50 लोगों की सीमा निर्धारित की गई है.
सख्त कार्रवाई की जाएगी- सीएम
सीएम ने कहा कि सरकार ने सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का प्रयोग न करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया है. उन्होंने कहा कि निर्धारित संख्या से अधिक लोगों को सामाजिक कार्यक्रमों में बुलाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी. मुख्यमंत्री स्वयं प्रतिदिन राज्य में कोविड-19 की स्थिति की निगरानी कर रहे है.
सभी अधिकारियों को अस्पतालों का दौरा करने के आदेश
प्रवक्ता ने कहा कि कोविड मरीजों को उचित उपचार उपलब्ध करवाने के लिए सरकार ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों को अस्पतालों में कोविड वार्ड का दौरा करने के भी निर्देश दिए है. उन्होंने कहा कि कोविड मरीजों के उचित उपचार के लिए पर्याप्त संख्या में कर्मचारी सुनिश्चित करने के लिए अस्थायी श्रमशक्ति को कार्य पर रखा गया है. उन्होंने कहा कि मरीजों के उपचार और परीक्षण के लिए निजी अस्पतालों और प्रयोगशालाओं को शामिल करने के लिए भी कदम उठाए गए है. उन्होंने कहा कि घरों में उपचाराधीन कोविड मरीजों को उचित उपचार और देखभाल प्रदान करने के लिए प्रभावी तंत्र भी विकसित किया गया है. उन्होंने कहा कि सरकार ने घरों में उपचाराधीन कोविड मरीजों का मनोबल बढ़ाने के लिए उन्हें नियमित रूप से टेलीफोन कॉल करने का निर्णय लिया है.
अब तक कितने मामले
शुक्रवार तक प्रदेश में संक्रमितों का आंकड़ा 43500 पहुंच गया है. 8300 सक्रिय मामले और 34458 मरीज ठीक हो चुके हैं. 698 संक्रमितों की अब तक मौत हो चुकी है.