Mid-day meal: बिना बजट कहां से दें राशन, छात्रों को नहीं मिलेगा मिड-डे मील

प्री प्राइमरी के 28 हजार छात्र इस साल भी मिड डे मील से अछूते रह सकते है। केंद्र सरकार ने इस साल भी अभी तक प्री प्राइमरी के छात्रों को राशन देने की योजना पर मोहर नहीं लगाई है। ऐसे में अब शिक्षा विभाग की चिंताएं बढ़ गई है। पहली से आठवीं के छात्रों को घर तक राशन कैसे पहुंचाया जाए, जब बजट ही नहीं है। फिलहाल अब शिक्षा विभाग के पास प्री प्राइमरी के छात्रों के लिए बजट नहीं बचा है। पिछले साल भी विभाग ने अपने बजट से खर्च कर प्री प्राइमरी के छात्रों को बजट दिया है।

विभागीय जानकारी के अनुसार राज्य के सरकारी स्कूलों में प्री-प्राइमरी में एनरोल हुए बच्चों को मिड-डे मिल के तहत अभी राशन देने को केंद्र ने मंजूरी नहीं दी है। यानि इन बच्चों को फिलहाल मिड डे मील नहीं मिलेगा। पीएबी की बैठक में हालांकि शिक्षा विभाग की ओर से प्लान भेजा गया था, लेकिन अभी इसके लिए न तो बजट आया है और न ही डाइट चार्ट प्लान हुआ है। यानि एडमिशन के बाद भी अभी बच्चों को मिड डे मील के लिए इंतजार करना होगा।

3840 स्कूलों में 28 हजार छात्रों ने लिया दाखिला

बता दें कि राज्य के 3840 स्कूलों में अभी नर्सरी और केजी की प्री-प्राइमरी कक्षाएं चल रही हैं। इस साल भले ही प्री प्राइमरी की कक्षाएं नहीं लग पाई। बावजूद इसके 28 हजार बच्चों को ऑनलाइन दाखिला लिया है।