सिरमौर में जीत म्यूजिकल ग्रुप, बेहतरीन प्रस्तुति के लिए मशहूर  

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जिला सिरमौर के संगडाह में अपनी पहचान ढ़कने वाला जीत म्यूजिकल ग्रुप आजकल काफी सुर्ख़ियों में है . ये ग्रुप अपने म्यूजिक को लेकर लोगों को  काफी  पसंद आ रहा है . ग्रुप के संचालक बलजीत व इंदरजीत का कहना है की हिमाचल  में हमने काफी बड़े-बड़े कलाकारों के साथ काम कर रहे है व किया भी है  और हमारी हमेशा कोशिश रहती है की लोगों को अच्छा म्यूजिक सुनाया जायें ताकि म्यूजिक सुनकर लोग झुमने के लिए मजबूर हो जाएँ .

कब से शुरू हुआ ये म्यूजिकल ग्रुप

इस म्यूजिकल ग्रुप की शुरुआत 2016 में हुई . बलजीत ने जब इस ग्रुप को बानने  के बारे में बताया  तो उनका कहना था की मैंने अपने कैरिएर की शुरुआत काफी कठिनायों से की है. उनका कहना है की इस तरफ मेरा रुझान साल 2015 में हुआ था जब मेने एक शो के दोरान गाने की एक धुन “नीरू चाली घुमदी” सुनी तो  तभी से मेने मन बना लिया की में म्यूजिक को ही अपना कैरिएर बनाऊंगा और उसी धून ने मेरे जीवन में बदलाव लाया और मैंने म्यूजिक की तरफ अपना पूरा धयान दिया.

कहा से सिखा म्यूजिक

बलजीत ने म्यूजिक सिखने के लिए हस्सन नाम से मशहूर म्यूजिक पलयेर से मुलाक़ात की और उनसे म्यूजिक सिखने का मोका मिला. बलजीत ने जब अपने बीते हुई कल के बारे में बातया तो उनका कहना था की  सिखने के दोरान काफी एसी मुश्किलात सामने आई जो एक गरीब परिवार के बच्चे को हमेशा आती है. जब बलजीत के  पिता बलाणु राम से बात की तो उनका कहना था की मेरा बेटा काफी मेहनती है और इसके लिए  मेरे से जो भी बनता था में करता था पर मेरा परिवार काफी मुश्किल हालात में था पर फिर भी में उसे खर्चा देता था जो मेरे से बन पाता था. पिता का ये  भी कहना है की आज बहुत ख़ुशी होती है जब एक कलाकार गाता है और मेरा बेटा उसके बैकग्राउंड में म्यूजिक बजाता है ये अपने आप में गर्व की बात है . बलजीत का कहना है की नहान में म्यूजिक सिखने के दोरान काफी मुश्किलात आई, कभी खाने के लिए नही मिलना, कभी रात-रात भर जागना काफी  एसी कई घटनाये होती थी जो की मुझे मजबूत बनाती गई और लगभग 6 महीने तक म्यूजिक की क्लास अटैंड के बाद मुझे पहला मोका साल 2016 में सिरमौर जिले की पंचायत डाड-खुलर  में एक  म्यूजिकल प्रोग्राम में मिला. ये मोका मिलने से मुझे लगा की में अब अकेले म्यूजिक में कुछ कर सकूँगा. साल 2015 में मेरी मुलाक़ात इंदरजीत से हुई जो की  पेशे से एक विडियोगराफर था.  इंदरजीत को भी म्यूजिक का शोंक था पर कभी सिखने का मोका नही मिला था . इंदरजीत से मुलाक़ात के बाद हम दोनों के ख्यालात आपस मं मिलने लगे और हमने सोचा की इस लाइन में अगर हम एक ग्रुप बना लें तो हमारे लिए काफी अच्छा  होगा. इसी सोच को लेकर  म्यूजिक सिखने के लिए इंदरजीत चंडीगढ़ गया .  1 साल म्यूजिक सिखने के बाद इंदरजीत जब वापिस आया तो हमने जीत म्यूजिकल ग्रुप के नाम से  अपना ग्रुप शुरी किया .

ठाकुर रघुवीर सिंह के साथ बलजीत व इंदरजीत

ग्रुप बनाने के बाद म्यूजिकल शो की शुरुआत

ग्रुप बनना और स्टार कलाकार के साथ कम करना अपने आप में ही एक बहुत बड़ी उप्लाभ्धि थी. ग्रुप ने काफी इसे कलाकार है जिनके साथ कम किया जिनमे से सुरेश शर्मा, दीपक चौहान, दीप खाद्रायी,  वर्षा ठाकुर, सुरजन ठाकुर, ठाकुर रघवीर  सिंह  आदि कलाकारों के साथ कम करने का मोका मिला.

 

अँधेरी बिशु मिले में भाग लेते जीत म्यूजिकल ग्रुप
बोगधार मिले में भाग लेते जीत म्यूजिकल ग्रुप

हाल ही में जीत म्यूजिकल ग्रुप संगडाह  ने बोग धार के शिरगुल मेले व अँधेरी बिशु मेले में अपनी बेहतरीन प्रस्तुति देकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया. साउंड के सा- साथ म्यूजिकल ग्रुप की प्रस्तुति के काफी लोग कायल हुए . ग्रुप के सदस्यों को मेला कमेटी की ओर से हार पहना कर सम्मानित भी किया गया. सिरमौर के संगडाह से संचालित  म्यूजिकल ग्रुप धीरे-धीरे अपने क्षेत्र को बढ़ा रहा है और निजी और सरकारी कार्यक्रम भी भाग ले रहा है.