Jammu Kashmir: श्रीनगर पहुंचे परिसीमन आयोग के सदस्य, प्रदेश का सियासी खाका खींचने की तैयारी

परिसीमन आयोग के सदस्य प्रदेश के चार दिवसीय दौरे पर श्रीनगर पहुंच चुके हैं। आयोग जम्मू और कश्मीर दोनों संभाग में 200 से ज्यादा प्रतिनिधिमंडलों से मिलेगा। आयोग के जम्मू-कश्मीर दौरे से ठीक पहले पीएजीडी(पीपुल्स अलायन्स फॉर गुपकार डिक्लेरेशन) के दो क्षेत्रीय राजनीतिक दलों ने अलग-अलग रास्ते चुने हैं। एक तरफ नेकां ने घोषणा की है कि पांच सदस्यीय टीम आयोग से मिलेगी, जबकि पीडीपी आयोग से नहीं मिलेगी। बता दें कि महबूबा मुफ्ती की पीडीपी को छोड़कर प्रदेश में पंजीकृत शेष 11 दलों ने परिसीमन प्रक्रिया में शामिल होने पर सहमति जता दी है। इनमें नेकां के अलावा भाजपा, कांग्रेस, पैंथर्स पार्टी, अपनी पार्टी, पीपुल्स कांफ्रेंस, बहुजन समाज पार्टी प्रमुख हैं। कई संगठनों ने भी आयोग से मिलने का समय लिया है। आयोग के दौरे को देखते हुए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं।
उधर, परिसीमन आयोग के दौरे को लेकर पीडीपी मुखिया महबूबा मुफ्ती ने एक पत्र जारी किया है। जिसमें उन्होंने लिखा है कि पीडीपी परिसीमन आयोग को यह पत्र भेज रही है। लोगों की पीड़ा को कम करने के लिए कोई आधारभूत कार्य नहीं किया गया है। राजनीतिक गतिविधि के लिए कोई विश्वसनीय कदम नहीं उठाए गए हैं। जिसको देखते हुए परिसीमन आयोग की बैठक में पीडीपी शामिल नहीं होगी। पीडीपी महासचिव जीएन हंजुरा द्वारा हस्ताक्षरित पत्र में जम्मू-कश्मीर के लोगों के हितों को ठेस पहुंचाने के लिए परिसीमन आयोग के अभ्यास को पूर्व नियोजित होने का आरोप लगाया गया है।
आयोग की अध्यक्ष जस्टिस (सेवानिवृत्त) रंजना देसाई को लिखे गए पत्र में पीडीपी ने कहा कि 5 अगस्त 2019 को संवैधानिक और लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचल दिया गया। जम्मू-कश्मीर के लोगों से उनके अधिकार छीन लिए गए। जिसका क्रम अभी भी जारी है। देश भर में परिसीमन प्रक्रिया को 2026 तक रोक दिया गया है लेकिन जम्मू-कश्मीर अपवाद बना दिया गया है।
आयोग की टीम में आयोग की अध्यक्ष जस्टिस (सेवानिवृत्त) रंजना देसाई, मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्र व राज्य चुनाव आयुक्त केके शर्मा शामिल हैं। कश्मीर में दो दिनों तक आयोग से 60 प्रतिनिधिमंडल मिलेंगे। इनमें श्रीनगर में 43 व पहलगाम में 17 शामिल हैं। आयोग पहले दिन छह जुलाई को श्रीनगर में दोपहर बाद साढ़े तीन से साढ़े छह बजे तक विभिन्न राजनीतिक दलों के नुमाइंदे और संगठनों के प्रतिनिधियों से मिलेगा।
श्रीनगर में शरद पवार की एनसीपी का कोई पदाधिकारी नहीं है। इस वजह से इस पार्टी का कोई प्रतिनिधि आयोग से मिलने नहीं पहुंचेगा। जम्मू में इस पार्टी के पदाधिकारी आयोग से मिलेंगे। अगले दिन सात जुलाई को आयोग पहलगाम में दक्षिणी कश्मीर के चार जिलों अनंतनाग, शोपियां, कुलगाम व पुलवामा के नुमाइंदों से मिलेगा। यहीं आयोग इन चार जिलों के डीसी से बैठक भी करेगा। दोपहर बाद दल श्रीनगर लौटकर कश्मीर संभाग के शेष छह जिलों श्रीनगर, गांदरबल, बडगाम, बांदीपोरा, बारामुला व कुपवाड़ा के डीसी के साथ परिसीमन के विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा करेगा।
आठ जुलाई को दल किश्तवाड़ पहुंचेगा। यहां डोडा, किश्तवाड़ व रामबन के नुमाइंदों से मुलाकात करने के साथ ही इन जिलों के डीसी के साथ बैठक भी करेगा। दोपहर बाद आयोग की टीम जम्मू पहुंच जाएगी। यहां विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधिमंडलों, सामाजिक कार्यकर्ताओं व विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात का कार्यक्रम प्रस्तावित है।
सूत्रों के अनुसार किश्तवाड़ में 50 व जम्मू में लगभग 105 प्रतिनिधिमंडल मिल सकते हैं। नौ जुलाई को परिसीमन आयोग की टीम सात जिलों जम्मू, सांबा, कठुआ, उधमपुर, रियासी, राजोरी और पुंछ के उपायुक्तों के साथ वर्चुअल माध्यम से बैठक करेगी। दौरा संपन्न करने से पूर्व आयोग की टीम पत्रकारों से भी मिल सकती है।
श्रीनगर में नेकां की टीम पूर्व मंत्री अब्दुल रहीम राथर के नेतृत्व में मिलेगी। इसमें मो. शफी उड़ी, मियां अल्ताफ, सकीना इट्टू व नासिर असलम वानी होंगे। जम्मू में संभागीय प्रधान देवेंद्र सिंह राणा के नेतृत्व में सुरजीत सिंह सलाथिया, अजय सडोत्रा, जावेद राणा व सज्जाद अहमद किचलू आयोग से मिलेंगे।
दौरे से पहले रविवार को गुपकार गठबंधन की डॉ. फारूक अब्दुल्ला के घर पर हुई बैठक में आयोग से मिलने पर कोई फैसला नहीं हो सका था। हालांकि, गठबंधन के प्रवक्ता व सीपीआई (एम) नेता एमवाई तारिगामी ने कहा कि परिसीमन आयोग ने राजनीतिक दलों को बुलाया है। आयोग से मुलाकात करनी है या नहीं, इस पर सभी दल अपने स्तर पर फैसला लेंगे।