भारत आज शंघाई सहयोग संगठन-एससीओ के शासनाध्यक्षों की परिषद की 19वीं बैठक की मेजबानी करेगा

भारत आज शंघाई सहयोग संगठन-एससीओ के शासनाध्‍यक्षों की परिषद की 19वीं बैठक की मेजबानी करेगा। उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू इस वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता करेंगे। विदेश मंत्रालय के वक्‍तव्‍य में कहा गया है कि यह बैठक भारत की अध्यक्षता में पहली बार आयोजित की जा रही है। भारत को 2017 में संगठन की पूर्ण सदस्यता मिली थी। यह शिखर सम्मेलन प्रतिवर्ष प्रधानमंत्रियों के स्तर पर आयोजित किया जाता है। शंघाई सहयोग संगठन में व्यापार और आर्थिक एजेंडे पर प्रमुख रूप से ध्यान केंद्रित किया जाता है। भारत ने पिछले वर्ष दो नवंबर को उज्बेकिस्तान से संगठन की अध्यक्षता ग्रहण की थी। भारत का अध्यक्ष के रूप में एक वर्ष का कार्यकाल आज पूरा हो रहा है।
बैठक से पहले शंघाई सहयोग संगठन के महासचिव व्लादिमीर नोरोव ने पेइचिंग में प्रसार भारती के विशेष संवाददाता अंशुमान मिश्र ,से विशेष साक्षात्कार में इस बैठक से जुड़ी अपेक्षाओँ और चुनौतियों पर बात की। श्री व्लादिमीर नोरोव ने कहा कि प्रतिनिधि मंडल के प्रमुख कोविड-19 के नकारात्मक परिणामों से उबरने के संदर्भ में व्यापार, आर्थिक और निवेश के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। उन्होंने बताया कि बैठक में शामिल देश संगठन की व्यापार परिषद और अंतर बैंक एसोसियेशन की गतिविधियों की समीक्षा करेंगे।
श्री नोरोव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्ताव का विशेष उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने इस वर्ष शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन में पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में एक कार्यदल बनाने का प्रस्ताव दिया था। शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने नवाचार और स्टार्टअप पर भी एक विशेष कार्यदल बनाने का प्रस्ताव रखा था। ताकि यह कार्यदल स्टार्टअप के क्षेत्र में भारत के समृद्द अनुभव को साझा कर सके। भारत की अध्यक्षता में इस वर्ष शंघाई सहयोग संगठन का पहला स्टार्टअप फोरम भी शुरू किया गया था।
व्लादिमीर नोरोव ने साझा बौद्ध विरासत को समर्पित की गई संगठन की पहली डिजिटल प्रदर्शनी का भी उल्लेख किया। इस प्रदर्शनी का आज नई दिल्ली में उद्घाटन किया जायेगा।