HP-PERC: व्यवस्थाएं जांचने के बाद ही बढ़ेंगी निजी विवि की सीटें

प्रदेश में स्थित निजी विश्वविद्यालयों में व्यवस्थाओं को जांचने के बाद ही संबंधित कोर्स में सीटें बढ़ाई जाएंगी। शुक्रवार से राज्य निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग की टीमें प्रदेश के दौरे पर निकलेंगी। शिक्षकों की योग्यता, आधारभूत ढांचा समेत अन्य मानकों को जांचने के बाद यह टीमें आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

सभी नियमों और शर्तों को पूरा करने वाले विश्वविद्यालयों को ही आयोग नए कोर्स शुरू करने और पुराने कोर्सों में सीटें बढ़ाने की मंजूरी देगा। आयोग के पास कई विश्वविद्यालयों ने नए कोर्स शुरू करने और सीटें बढ़ाने के लिए आवेदन किए हुए हैं। उच्च शिक्षण संस्थानों में गुणवत्ता युक्त शिक्षा देने के लिए निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग अब हर पहलू की गहनता से जांच कर रहा है।

इससे पहले शिक्षण संस्थानों के आवेदनों पर ही बिना मौका निरीक्षण किए कोर्स मंजूर कर दिए जाते थे। अब आयोग ने इसको लेकर सख्ती बरतने का फैसला लिया है। बिना व्यवस्थाओं को जांचे अब इस तरह की मंजूरियां नहीं दी जाएंगी। टीमें देखेंगी कि संबंधित कोर्स को पढ़ाने वाले शिक्षकों ने कहां से डिग्रियां ली हैं। इनकी नियुक्त सही तरीके से हुई हैं या नहीं।

नए कोर्स शुरू करने और सीटें बढ़ाने के लिए संस्थान के पास पर्याप्त आधारभूत ढांचा है भी या नहीं। इसके अलावा भी आयोग ने कई अन्य मानक निर्धारित किए हैं। जिन्हें पूरा करने के बाद ही निजी विश्वविद्यालयों को नए कोर्स शुरू करने और सीटें बढ़ाने की मंजूरी दी जाएगी।

निजी कॉलेजों के प्रिंसिपलों की योग्यता जांचने का काम शुरू
प्रदेश के निजी कॉलेजों में नियुक्त प्रिंसिपलों की शैक्षणिक योग्यता और नियुक्ति प्रक्रिया जांचने का काम शुरू हो गया है। आयोग की ओर से गठित जांच कमेटी ने काम संभाल लिया है। करीब सौ निजी कॉलेजों का ब्योरा आयोग के पास पहुंच चुका है। शेष कॉलेजों को जल्द जानकारी देने को कहा है।