हिमाचल: डिपो में राशन बायोमीट्रिक मशीन में अंगूठा लगाने से ही मिलेगा

हिमाचल में कोरोना संक्रमण के बीच एक बार फिर डिपो में राशन बायोमीट्रिक मशीन में अंगूठा लगाने से ही मिलेगा। इसको लेकर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग व सरकार ने पूरी तैयारियां कर ली हैं। केंद्र सरकार से मिले आदेशों के बाद खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने सरकार को प्रोपोजल भेजा था, इसके बाद सरकार ने राज्य आपदा प्रबंधन को लेटर भेजकर डिपो में फिर से बायोमीट्रिक मशीन शुरू करने की अनुमति मांगी है।
बताया जा रहा है कि दिसंबर माह में ही इनका इस्तेमाल लोगों को राशन देने के लिए कर दिया जाएगा। दरअसल, हिमाचल खाद्य आपूर्ति विभाग को केंद्र सरकार ने डिपो में बायोमीट्रिक मशीन से राशन देने की प्रक्रिया को फिर से शुरू करने को कहा है। केंद्र सरकार का कहना है कि वन नेशन-वन कार्ड के तहत बायोमीट्रिक मशान में हर उपभोक्ता को अंगूठा लगाना जरूरी है। इससे कोई भी व्यक्ति कहीं से भी अगर राशन लेता है, तो इसमें पारदर्शिता आसानी से लाई जा सकती है। यही वजह है कि प्रदेश सरकार ने इस को लेकर प्लानिंग शुरू कर दी है। संक्रमण का खतरा उपभोक्ताओं को न हो, इसके लिए समय-समय पर बायोमीट्रिक मशीनों को सेनेटाइज किया जाएगा।
इसके लिए विभाग ने सभी डिपो धारकों को अभी से ही बायोमीट्रिक की सेनेटाइजिंग को लेकर व्यवस्था करने के आदेश जारी कर दिए हैं। जैसे ही राज्य आपदा प्रबंधन से बायोमीट्रिक शुरू करने को लेकर परमिशन मिलेगी, सभी डिपो धारकों को पोस मशीनों में एंट्री करने के साथ ही बायोमीट्रिक में भी उपभोक्ताओं का अंगूठा लगाना होगा। बता दें कि हिमाचल प्रदेश में छह लाख 79 हजार 247 राशन कार्ड हैं। इसके साथ ही 18 लाख उपभोक्ता इस समय डिपो से राशन ले रहे हैं। राज्य में 5001 उचित मूल्य की दुकान हैं, वही 3261 को-ऑपरेटिव सोसायटी की दुकानें हैं। इन सभी दुकानों में मार्च माह से ही उपभोक्ताओं को मात्र एंट्री कर ही राशन दिया जा रहा था। गौर हो कि हिमाचल प्रदेश में अब भी कोरोना के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ऐसे में अगर सरकार एक बार फिर से डिपो में बायोमीट्रिक शुरू करती है, तो लोगों का विरोध भी झेलना पड़ सकता है। हालांकि कहा जा रहा है कि केंद्र सरकार ने हिमाचल सरकार को फटकार लगाते हुए कहा है कि सभी राज्यों में बायोमीट्रिक का प्रयोग डिपो में होने लगा है, तो हिमाचल अभी तक पीछे क्यों है। यही वजह है कि केंद्र की फटकार के बाद अब यहां पोस मशीनों के साथ ही बायोमीट्रिक का इस्तेमाल करने का फैसला लिया है।
चार लाख कर्मियों को मिलेगा फायदा
भले ही कोविड काल में बायोमीट्रिक मशीनों को डिपो में शुरू करना सरकार के लिए बहुत बड़ी चुनौती होगी। हालांकि, इसका फायदा हिमाचल प्रदेश के तीन से चार लाख सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा, जो कहीं पर भी आसानी से राशन ले पाएंगे। इससे पहले बायोमीट्रिक में अंगूठा न लगने की वजह से वे हिमाचल प्रदेश में अलग-अलग जगह से राशन नहीं ले पा रहे थे।
उपभोक्ताओं की सुरक्षा का पूरा ख्याल
इस मामले पर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के डायरेक्टर आबिद हुसैन का कहना है कि राज्य आपदा प्रबंधन को प्रोपोजल भेज कर बायोमीट्रिक से उपभोक्ताओं को राशन देने की परमिशन मांगी गई है। परमिशन मिलते ही पूरी व्यवस्थाओं के साथ डिपो में बायोमीट्रिक शुरू की जाएगी। डिपो उपभोक्ताओं को संक्रमण से बचाने पर भी विभाग की नजर रहेगी।