हिमाचल: शहरों के बाद अब गांव में बढ़ रहा है कोरोना का खतरा

हिमाचल में शहरों के बाद अब कोरोना का खतरा गांवों की ओर ज्यादा हो गया है। स्वास्थ्य विभाग जहां पर भी गांवों में टेस्ट कर रहा है, वहीं पर ग्रामीण पॉजिटिव आ रहे हैं। बावजूद इसके गांवों में कम ही लोग कोरोना का टेस्ट करवाने के लिए सामने आ रहे हैं। कई जगहों पर हालत ऐसी है कि गांव में 20 से 22 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए जा रहे हैं। जहां पर प्रशासन मिनी कंटेनमेंट जोन बना रहा है। हिमाचल में ज्यादातर गांवों में ग्रामीण बुखार की चपेट में आ रहे हैं, जिसके बाद वे घर पर रह कर ही उपचार कर रहे हैं। जांच पड़ताल में यह भी पता चला है कि कई ग्रामीण 10 दिनों तक घरों में ही बुखार से ग्रसित होकर लेटे रहे। इतने दिन बाद वह ठीक हुए हैं।

 इसके अलावा कई जगहों पर जब प्रशासन ने ग्रामीणों के टेस्ट लिए, तो वहां पर एक साथ 20 से ज्यादा ग्रामीण पॉजिटिव निकले हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग टाइम पास करने के लिए एक दूसरे के घर चले जाते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। मंडी में भी कई गांवों में एक साथ कई ग्रामीण संक्रमित पाए गए हैं। सोलन जिला के भी अर्की में ऐसे ही मामले सामने आए हैं, जहां पर एक ही गांव में 22 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं। इसी तरह राज्य के अन्य जिलों में भी ग्रामीण संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने गांव स्तर पर टेस्टिंग बढ़ाने का निर्णय लिया है। (एचडीएम)

शादियों में उमड़ रही ज्यादा भीड़

राज्य में इन दिनों शादी समारोहों का सीजन है। ऐसे में 20 से ज्यादा लोग एक साथ एकत्रित नहीं हो सकते। बावजूद इसके कई जगह पर 20 से ज्यादा लोग एकत्रित हो रहे हैं, जिससे गांवों में भी अब लोग संक्रमण की चपेट में आना शुरू हो गए हैं। हालांकि पुलिस की ओर से लगातार गश्त भी की जा रही है, पर लोग एसओपी का पालन नहीं कर रहे।

होम आइसोलेशन प्रोटोकोल का पालन नहीं कर रहे लोग

कोरोना संक्रमित का स्वास्थ्य विभाग की ओर से आइसोलेशन किया जा रहा है, लेकिन कई जगह पर ऐसे भी मामले सामने आ रहे हैं, जहां पर लोग होम आइसोलेशन प्रोटोकोल का पालन नहीं कर रहे हैं। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में ये लोग भी संक्रमण को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। शिमला में ऐसे ही दो मामले सामने आ चुके हैं, जबकि अन्य जिलों में भी इसी तरह के हालात हैं।

गांव की ओर पलायन करने को मजबूर

जिस तरह सरकार ने कोरोना के मामलों को रोकने के लिए बंदिशें लगाना शुरू किया है, उस डर से हिमाचल सहित बाहरी राज्यों में नौकरी कर रहे लोग गांवों का रुख करना शुरू कर चुके हैं। कई तो आरटी-पीसीआर टेस्ट करवा रहे हैं, जबकि कई बिना टेस्टिंग के ही पहुंच रहे हैं। ऐसे में इन्हें 14 दिन का होम आइसोलेशन करना जरूरी है।