शिमला में सीजन का पहला हिमपात, मैदानों में बारिश, पारा दस डिग्री तक लुढ़का

हिमाचल प्रदेश में पहाड़ों ने फिर सफेद चादर ओढ़ ली है। पहाड़ों पर ताजा हिमपात और मैदानी इलाकों में झमाझम बारिश होने से समूचा प्रदेश शीतलहर की चपेट में आ गया है। अधिकतम व न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट आई है। केलांग व डलहौजी का अधिकतम तापमान लुढ़ककर माइनस में पहुंच गया है। प्रदेश के मध्यम व ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रविवार रात को बर्फबारी हुई है, जबकि मैदानी इलाकों में बारिश दर्ज म्की गई है। शिमला के कुफरी में सबसे ज्यादा 30 सेंटीमीटर हिमपात हुआ है। इसके अलावा डलहौजी में 22, कोठी में 18, खदराला में 14, निचार में 10, शिमला में नौ, जुब्बलहट्टी में चार और केलांग में तीन सेंटीमीटर ताजा बर्फबारी हुई है। बारिश व बर्फबारी होने से अधिकतम तापमान में एक से दस डिग्री तक की गिरावट आई है।
कल्पा के अधिकतम तापमान में 10 डिग्री तक की गिरावट आई है। इसके अलावा शिमला, कांगडा, हमीरपुर व बिलासपुर में सात, धर्मशाला, सोलन और केलांग में छह डिग्री तक पारा गिरा है। तापमान में गिरावट आने के बाद डलहौजी व केलांग का पारा माइनस डिग्री में पहुंच गया है। कल्पा का तापमान शून्य डिग्री में रिकार्ड किया गया है। बारिश व बर्फबारी होने के चलते न्यूनतम तापमान में भी गिरावट आई है। शिमला, कल्पा, केलांग, डलहौजी व कुफरी का पारा भी माइनस डिग्री में आंका गया है। तापमान में गिरावट आने से समूचे राज्य में कड़ाके की ठंड पड़ रही है।
 मौसम विभाग के निदेशक डा. मनमोहन सिंह ने बताया कि प्रदेश में तीन जनवरी तक मौसम साफ बना रहेगा, जबकि चार जनवरी से मौसम में फिर करवट आने की संभावना है। उधर, धर्मशाला से मिली जानकारी के अनुसार शाहपुर के प्रसिद्ध ट्रैकिंग पर्यटक स्थल करेरी झील पर अचानक हुई बर्फबारी में सोमवार को 70 पर्यटक फंस गए। ये पर्यटक हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़, यूपी व हिमाचल के थे। मीडिया व सोशल मीडिया के जरिए प्रशासन व पुलिस के पास सूचना पहुंचने के बाद दोपहर बाद तक सभी पर्यटकों को सुरक्षित निकालकर मुख्यालय में पहुंचा दिया गया है। उधर, पतलीकूहल से मिली जानकारी के अनुसार भारी बर्फबारी के चलते अटल टनल रोहतांग पर्यटकों और सभी तरह के वाहनों के लिए बंद कर दी गई है। अटल टनल के साउथ और नॉर्थ पोर्टल पर डेढ़ फुट से अधिक बर्फबारी हुई है। सोलंगनाला पर्यटन स्थल भी सैलानियों के लिए बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने मनाली से पांच किलोमीटर दूर नेहरू कुंड तक ही जाने की अनुमति दी है।