हरियाणा: किसानों ने प्रधानमंत्री को खून से चिट्ठी लिखकर कानूनों को वापस लेने और एमएसपी लागू करने की मांग की

कृषि कानूनों के खिलाफ कई महीनों से आंदोलन कर रहे किसान, सरकार का ध्यान खींचने के लिए हरसंभव उपाय कर रहे हैं. इसी क्रम में हरियाणा के जींद के किसानों ने अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खून से चिट्ठी लिखकर इन कानूनों को वापस लेने और एमएसपी लागू करने की मांग की है. जींद के टोल प्लाजा पर केंद्र सरकार के कानून के खिलाफ आंदोलन कर रहे सैकड़ों किसानों ने इंजेक्शन से खून निकालकर पीएम मोदी को चिट्ठी लिखी है. इसमें किसानों ने कहा है कि उन्हें ये काले कानून नहीं चाहिए, इसके बजाये सरकार एमएसपी पर स्थाई कानून बनाए.

जींद जिले के किसानों ने पीएम मोदी को खून से लिखी चिट्ठी में कहा है, ‘आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी, हमें तीनों काले कानून नहीं चाहिए. इन तीनों काले कानूनों को वापिस लो और एमएसपी पर परमानेंट कानून बनाओ.’ जींद टोल प्लाजा पर बैठे किसानों का कहना है कि वे 63 से ज्यादा दिनों से कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं. फिर भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है. इसलिए युवा किसानों ने प्रधानमंत्री को खून से चिट्ठी लिखने का फैसला किया है.

किसानों का कहना है कि हम खून से पत्र लिखकर पीए मोदी को यह संदेश देना चाहते हैं कि जो किसान गांधीवादी तरीके से आंदोलन कर सकता है, वह भगत सिंह की तरह खून भी देना जानता है. महिला किसान सिक्कम, किसान नेता विजेंदर सिंधु आदि ने कहा कि केंद्र सरकार को किसानों के हक में उनकी बात सुननी चाहिए. आपको बता दें कि केंद्र सरकार के बनाए 3 कृषि कानूनों के खिलाफ हरियाणा, पंजाब, यूपी समेत देश के कई राज्यों के किसान पिछले कई महीनों से दिल्ली के बॉर्डरों पर आंदोलन कर रहे हैं. किसानों की मांग है कि ये कानून हर हाल में वापस होने चाहिए.