चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी के प्रचार पर लगायी 24 घंटे की रोक

कोलकाता: भारतीय निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रचार करने पर 24 घंटे की रोक लगा दी है. आयोग के निर्देशानुसार ममता बनर्जी 12 अप्रैल रात 8 बजे से 13 अप्रैल रात 8 बजे तक किसी भी माध्यम से प्रचार नहीं कर सकेंगी. चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी पर ये रोक सीएपीएफ को लेकर दिए गए उनके बयान को लेकर लगाई है. ममता बनर्जी के चुनाव प्रचार पर रोक लगने के बाद टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने आज के दिन को लोकतंत्र के लिए काला दिन बताया है. डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि भाजपा जानती है कि हम चुनाव जीत रहे हैं.

पश्चिम बंगाल के विधानसभा चौथे चरण के मतदान के दिन कूचबिहार में हुई हिंसा को लेकर ममता बनर्जी ने सीएपीएफ को लेकर बयान दिया था. ममता के बयान पर चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस भी जारी किया था. ममता बनर्जी ने आठ अप्रैल को हुगली जिले के बालागढ़ में जनसभा को संबोधित करते हुए बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय बल ‘अमित शाह द्वारा संचालित केंद्रीय गृह मंत्रालय’ के निर्देशों पर काम कर रहे हैं.

तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘मैं केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों के प्रति सम्मान रखती हूं लेकिन वे दिल्ली के निर्देशों पर काम कर रहे हैं. वे मतदान वाले दिन से पहले ग्रामीणों पर अत्याचार करते हैं. कुछ तो महिलाओं का उत्पीड़न कर रहे हैं. वे लोगों से भाजपा के लिए वोट करने को कह रहे हैं. हम ऐसा नहीं होने देंगे.’’

तृणमूल प्रमुख बनर्जी ने कथित तौर पर यह दावा भी किया था कि केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों के जवान शाह और गृह मंत्रालय के कहने पर मतदाताओं को प्रताड़ित कर रहे हैं तथा डरा-धमका रहे हैं और उन्हें भाजपा के लिए वोट डालने को कह रहे हैं. बनर्जी ने कहा कि राज्य पुलिस बल को चौकन्ना रहना चाहिए और दिल्ली के सामने झुकना नहीं चाहिए. ममता के इस बयान पर चुनाव आयोग ने अपनी नोटिस में कहा था कि बनर्जी का बयान ‘‘पूरी तरह गलत और भड़काऊ’’ है. इस पर तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब तक सीआरपीएफ भाजपा के लिए काम करना बंद नहीं करती, वह ऐसा करती रहेंगी.