कोरोना संक्रमण का असर, महंगे हुए नोटों के हार

कोरोना संक्रमण के संकट के बाद मंहगाई की मार झेल रहे लोगों को ब्याह-शादियों में दुल्हा-दुल्हन को भेंट के तौर पर नोटों के हार बनाना भी मंहगा साबित हो रहा है। जिला कुल्लू के भुंतर में कुछ कारोबारी इन हारों का बनाने के लिए पांच से सात सौ रुपए तक अतिरिक्त पैसे की उगाही कर रहे हैं। ऐसे में शादियों में दुल्हे को हार पहनाने के शौकीन रिश्तेदारों की जेब पर डाका पड़ रहा है। हालांकि दुकानदारों की इस मनमानी का कुछ लोगों ने तोड़ भी निकाला है। लोग दूसरी किसी शादी में दुल्हे को पहनाए गए हार को परिवार वालों से खरीदकर अपना काम चला रहे हैं, तो कुछ लोग दस रुपए के शगुन कार्ड में नकद कैश डालकर दुल्हे को उपहार दे रहे हैं। इस कारण उन दुकानदारों पर भी असर पड़ रहा है, जो जायज दामों पर हार बेचते रहे हैं और उनका कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।

कुछ साल से जिला में शादी समारोह ऐसे भी खर्चीले कारज बने हुए हैं। कुछ साल पहले तक ब्याह-शादी ग्रामीण इलाकों में बेहद सादगीपूर्ण हुआ करते थे, लेकिन जैसे ही इस पर बाजारबाद का तड़का लगना आरंभ हो गया, तो इसका बजट भी हाथ से निकलना आरंभ होने लगा है। बैंड, बाजा, टेंट हाउस, फोटोग्राफी, आभूषणों व कपड़ों के दामों में इजाफे के साथ इससे जुड़े तमाम खर्च दोगुना से ज्यादा हो गया है। कपड़ों के दाम भी दो से तीन गुना हो गए हैं। वहीं, रही सही कसर अब नोटों के हार में भी निकल रही है।

नोट मिलना भी मुश्किल
नोट हार बनाने वाले कारोबारियों के अनुसार नोटबंदी के बाद से नोट मिलना मुश्किल हो गया है और इस कारण हार बनाने का खर्च बढ़ गया है। उनके अनुसार डिजाइन वाले हार बनाने में समय भी लगता है। घाटी के कारोबारियों सुनील कुमार, कुलदीप कुमार, बलदेव कुमार के अनुसार हार पर 100 से 150 रुपए का अतिरिक्त चार्ज लिया जाता रहा है और जो कारोबारी 700 रुपए तक खर्च ले रहे हैं, वह गलत है और ग्राहकों को ऐसे दुकानदारों से बचना चाहिए।