Double Attack: दूसरे दिन भी 21 हजार से ज्यादा नए कोविड केस, केरल में मिला अफ्रीकी स्वाइन फीवर

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देश में लगातार दूसरे दिन भी 21 हजार से ज्यादा नए कोरोना मामले दर्ज हुए हैं। उधर, केरल के वायनाड जिले में अफ्रीकन स्वाइन फीवर ने चिंता बढ़ा दी है।

केरल पहले से कोरोना मामलों में अव्वल है। हाल ही में राज्य में मंकीपॉक्स का भी पहला मामला सामने आया था। शुक्रवार सुबह अपडेट आंकड़ों के अनुसार देश में बीते 24 घंटे में नए केस बढ़ने के साथ ही मौतें भी बढ़ीं और 60 लोगों ने दम तोड़ दिया। देश में पिछले 24 घंटों में कोविड-19 के 21,880 नए मामले सामने आए हैं, 21,219 लोग डिस्चार्ज हुए और कोरोना से 60 लोगों की मौत हुई है।इससे पहले गुरुवार को देश में 21,566 नए केस मिले थे और बुधवार को 20,557 नए मरीज मिले थे। शुक्रवार को गुरुवार की तुलना में 314 मरीज ज्यादा मिले हैं।

देश में कोरोना की स्थिति
कुल मामले: 
4,38,47,065
सक्रिय मामले: 1,49,482
कुल रिकवरी: 4,31,71,653
कुल मौतें: 5,25,930
कुल वैक्सीनेशन: 2,01,30,97,819
केरल में ‘अफ्रीकन स्वाइन फीवर’ के मामले
केरल के वायनाड जिले के मानन्थावाद्य स्थित दो पशुपालन केंद्रों में अफ्रीकन स्वाइन फीवर (एएसएफ) के मामले सामने आए हैं। भोपाल स्थित राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान में नमूनों की जांच के बाद जिले के दो पशुपालन केंद्र के सूअरों में इस बीमारी की पुष्टि हुई। पशुपालन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि एक केंद्र में कई सूअरों की मौत के बाद नमूने जांच के लिए भेजे गए थे। अधिकारी ने कहा कि अब उसके परिणाम में इस बुखार की पुष्टि हुई है। दूसरे केंद्र में 300 सूअरों को मारने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने कहा कि इस बीमारी को फैलने से रोकने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। ‘अफ्रीकन स्वाइन फीवर’ बेहद संक्रामक और घातक बीमारी है।

इंसानों को खतरा नहीं
डॉ. सिंह के अनुसार बताया कि जिस इलाके में अफ्रीकन स्वाइन फीवर के संक्रमण की पुष्टि होती है, उसके एक किलोमीटर के दायरे को संक्रमित जोन घोषित कर दिया जाता है। हालांकि, इस संक्रमण से इंसानों को खतरा नहीं है, लेकिन बीमार सुअर के संपर्क में आने वाले पशुपालकों या कर्मचारियों से संक्रमण दूसरे पशुओं में फैल सकता है।

2020 में पहली बार भारत में मिले थे मामले
बड़ी संख्या में सुअरों की मौत इससे हो सकती है या फिर एहतियात के लिए सुअरों को मारना पड़ सकता है। अफ्रीकी स्वाइन फीवर के मामले भारत में पहली बार 2020 में मिले थे। इससे पहले सितंबर 2019 में इस बीमारी की वजह चीन में बड़ी संख्या में सुअरों की मौत हुई थी।