शिमला : 12 को जारी किए नोटिस, चार डॉक्टरों ने जमा करनी पड़ी बांड मनी

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बांड तोड़कर बाहरी राज्यों में सेवाएं दे रहे चार डॉक्टरों ने सरकार के पास पैसा जमा करवा दिया है। तीन और डॉक्टरों ने वापस आने और हिमाचल में नौकरी करने की हामी भरी है। नियम तोड़कर बाहरी राज्यों में सेवाएं देने गए डॉक्टरों के खिलाफ जब से सरकार ने कार्रवाई की है, तब से डॉक्टर वापस लौटने शुरू हो गए हैं।

उधर, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य पीसी धीमान ने कहा कि 15 डॉक्टरों को नौकरी से बर्खास्त किया गया है, जबकि 1 दर्जन डॉक्टरों को नोटिस जारी किए हैं। अब इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक डॉक्टर के स्पेशलिस्ट बनने में 15-20 लाख रुपये से ज्यादा का खर्च आता है। एमबीबीएस के बाद पीजी करने वाले डॉक्टरों पर लाखों रुपये की राशि खर्च की जाती है। सरकार का मानना है कि डॉक्टरों पर लाखों रुपये खर्च करती है, लेकिन जब सेवाएं देने की बारी आती है तो कई चिकित्सक हिमाचल में सेवाएं देने की बजाय दूसरे राज्यों में सेवाएं देना पसंद करते हैं। इसका कारण दूसरे राज्यों में ज्यादा पैसा मिलना है।