Coronavirus : कोरोना बंदिशों पर 10 को फैसला

हिमाचल प्रदेश में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए 10 अगस्त को बंदिशों पर बड़ा फैसला होगा। संक्रमण के मामलों में लगातार वृद्धि के मद्देनजर बाहर से आने वालों के लिए कड़ी बंदिशें लगेंगी। हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की मंगलवार को आयोजित बैठक में इस पर सहमति बनी है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना की स्थिति पर विस्तृत प्रेजेंटेशन दी। इसमें स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना की बंदिशों को लेकर प्रमुखता से मांग उठाई। लंबी चर्चा के बाद मंत्रिमंडल ने यह फैसला लिया है कि कोरोना की स्थिति को एक सप्ताह तक देखना जरूरी है। इसके चलते 10 अगस्त मंगलवार को दोबारा कैबिनेट की बैठक बुलाकर संक्रमण की स्थिति की समीक्षा की जाएगी।

उस दौरान भी मामलों में यथावत वृद्धि की सूरत में प्रदेश में एंट्री के लिए आरटीपीसीआर की नेगेटिव रिपोर्ट या वैक्सीनेशन का सर्टिफिकेट जरूरी कर दिया जाएगा। इससे पहले नए सिरे से एडवायजरी जारी कर कोविड के एप्रोप्रिएट बिहेवियर को लेकर लोगों को सतर्क किया जाएगा। मंत्रिमंडल की बैठक में 10वीं से लेकर 12वीं के छात्रों को खोले गए स्कूलों को लेकर भी चर्चा हुई। कैबिनेट ने इस पर गंभीर मंथन किया कि इन परिस्थितियों में स्कूलों को खुला रखना कितना वाजिब है। इन्हीं चर्चाओं के बीच अब नौ अगस्त को दोबारा कैबिनेट की बैठक बुलाई गई है। मंत्रिमंडल की बैठक में स्कूलों का नाम बदलकर शहीदों के नाम रखने और कई अहम फैसले हुए हैं। इसके तहत शिमला जिला के बड़ागांव स्कूल का नाम शहीद सतीश कुमार के नाम पर रखा जाएगा। बिलासपुर जिला के भेड़ी स्कूल का नाम शहीद प्रताप सिंह के नाम से होगा। मंत्रिमंडल ने चौपाल के 50 बिस्तरों के अस्पताल को 100 बिस्तरों का करने का भी फैसला लिया है। (एचडीएम)

कैदियों की रिहाई होगी

15 अगस्त को कैदियों की रिहाई पर कैबिनेट में चर्चा हुई। पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल के स्टाफ कर्मियों को रि-एंप्लॉयमेंट देने का भी मंत्रिमंडल ने निर्णय लिया। इसके सज्ञथ ही जिला चुनाव विभाग में तीन पदों को भरने की मंत्रिमंडल ने स्वीकृति प्रदान की है।