सरकारी नौकरी में समाहित होंगे अग्निवीर, कारगिल दिवस समारोह: सीएम जयराम

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंगलवार को कहा कि भारतीय सेना में युवाओं को भर्ती करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई अग्निपथ योजना बड़ा ही सराहनीय कदम है। हिमाचल में इसके लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है और काफी संख्या में युवा अग्निवीर बनने के लिए आवेदन कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने कहा है कि अग्निवीरों को अपना सेवाकाल पूरा करने के बाद हर क्षेत्र में रोजगार के लिए प्राथमिकता दी जाएगी, लेकिन हिमाचल सरकार अपनी जिम्मेदारी लेती है कि जो भी अग्निवीर अपना कार्यकाल पूरा करके आएगा, उसे प्रदेश सरकार सरकारी क्षेत्र में रोजगार देगी। मुख्यमंत्री कारगिल विजय दिवस के मौके पर राज्यस्तरीय समारोह के लिए हमीरपुर पहुंचे थे।

उन्होंने कहा कि जब कारगिल युद्ध हुआ था, तो उस वक्त बर्फ से लदी कारगिल की ऊंची चोटियों पर दुश्मनों से लोहा लेने के लिए जो हमारे जवान पहुंचे थे उनकी आयु 20 से 22 वर्ष तक थी। यानी इस उम्र का युवा पूरी तरह जोश से भरा होता है। इसलिए मोदी सरकार ने देश सेवा के लिए ऐसे 18 से 23 साल के अग्निवीरों की सेना में सेवाएं लेने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने वीरभूमि हमीरपुर की वर्षों पुरानी वार मेमोरियल की मांग को भी विजय दिवस के मौके पर पूरा कर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार के पास 67 करोड़ का प्रोपोजल वार मेमोरियल के लिए आया है, लेकिन मैं वार मेमोरियल के लिए 70 लाख रुपए देने की घोषणा करता हूं। उन्होंने कहा कि हमीरपुर से काफी संख्या में वीर जवानों ने शहादत का जाम पिया है।

इसलिए यह वार मेमोरियल इस तरह बनना चाहिए कि इस पर सबकी नजर पड़े, ताकि सबको वीर सपूतों के बलिदान का स्मरण होता रहे। उन्होंने कहा कि वार मेमोरियल हमीरपुर के शहीद कैप्टन मृदुल शर्मा पार्क के पास ही बनाया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व सैनिकों और लोगों को राष्ट्रीय एकता की शपथ भी दिलाई। मुख्यमंत्री ने टाउन हाल में वीरनारियों और उन वीर योद्धाओं को भी सम्मानित किया, जिन्होंने अपनी जान पर खेलकर दुश्मन को परास्त किया। इन्हीें में से एक सुरेश कुमार और नरेंद्र कुमार हैं। सुरेश कुमार ने अमरनाथ यात्रा के दौरान जम्मू रेलवे स्टेशन पर अकेले दो आतंकियों को मार गिराया था। इस दौरान उन्हें गोली भी लगी थी। इसी तरह वीर योद्धा नरेंद्र कुमार ने वर्ष 2017 में सीमा पार करके दुश्मन की चौकियों को नष्ट किया था और सकुशल अपनी सीमा में वापस आ गए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका सौभाग्य है कि उन्हें ऐसे वीर जवानों को सम्मानित करने का अवसर मिला है। (एचडीएम)