सेना ने पुरानी भर्तियों की रद्द, अग्निपथ स्कीम के तहत ही होंगी भर्ती प्रक्रिया शुरू

सेना ने पुरानी भर्तियों को रद्द कर दिया है। अब जो भी भर्तियां होंगी, वे अग्निपथ स्कीम के तहत ही होंगी। गुरुवार से सेना इस योजना के तहत भर्ती प्रक्रिया शुरू कर देगी। 90 दिन बाद नियुक्तियों को अंजाम दिया जाएगा। सेना ने भर्ती प्रक्रिया में भी बदलाव किया है। पहले लिखित परीक्षा होगी, उसके बाद ग्राउंड टेस्ट होगा। इससे पहले युवाओं का ग्राउंड टेस्ट होता था। छह महीने प्रशिक्षण के बाद जवानों की सेना में सेवाएं ली जाएंगी। चीन, पाकिस्तान और अन्य बॉर्डर पर भी इनकी ड्यूटी लगेगी। सेना में यह जवान अग्निवीर कहलाए जाएंगे। इनकी चार साल तक सेवाएं ली जाएंगी। इसके बाद और सेवाओं के लिए इन्हें एक और भर्ती प्रक्रिया से गुजरना होगा। साल में कुल 40 से 50 हजार भर्तियों में से 25 फीसदी अग्निवीरों का सेना में नियमित सेवाओं के लिए चयन किया जाएगा। लेफ्टिनेंट जनरल एसएस महल (एवीएसएम, वीएसएम) जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ आरट्रैक ने प्रेसवार्ता में बताया कि अग्निपथ स्कीम में आयु सीमा साढ़े 17 से 21 साल निर्धारित की गई है।

मुख्य बातें

  • – सैनिक की औसतन आयु 32 से घटकर 26 हो जाएगी
  • – चार साल की सेवा उपरांत 11.71 लाख की सेवा निधि के साथ सेवामुक्ति
  • – सेवा निधि पर 18.2 बैंक लोन का भी विकल्प
  • – सेवा मुक्त पर पेंशन, ग्रेच्युटी, भूतपूर्व सैनिक का दर्जा के पात्र नहीं
  • – स्थायी कैडर मे नामांकन होने पर नियमित सैनिकों के समान, विनियमों के अनुसार पेंशन

इसमें 10वीं और 12वीं कक्षा पास युवा और युवतियां भाग ले सकेंगे। आईटीआई और तकनीकी संस्थाओं से प्रशिक्षण प्राप्त युवक भी इसमें भाग ले सकेंगे। प्रथम वर्ष में अग्निवीरों को 4.76 लाख रुपये सालाना मिलेंगे। सेवा के दौरान सालाना बढ़ोतरी होती रहेगी। चौथे वर्ष में सालाना 6.92 लाख रुपये मिलेंगे। इन अग्निवीरों को रिस्क और हार्डसिप, राशन, ड्रेस और यात्रा भत्ता मिलेगा। अग्निवीर जवानों का मासिक वेतन का 30 फीसदी अंशदान व्यक्ति विशेष और समान अंशदान भारत सरकार की ओर से दिया जाएगा। चार वर्ष की सैन्य सेवा की समाप्ति पर 11.71 लाख रुपये का भुगतान किया जाएगा। इसमें आयकर की छूट रहेगी। 48 लाख रुपये का गैर अंशदायी जीवन बीमा का लाभ, अगर अग्निवीर की सेना में सेवाएं देते वक्त 44 लाख रुपये की ग्रेच्युटी और बची हुई सैन्य सेवा काल का वेतन और सेवा निधि भी दी जाएगी।