ददाहू: तिरमलगा से बिरला सड़क निर्माण कार्य मे मिट्टी में बिछाया जा रहा है टायरिंग को

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रेणुका-बिरला वाया तिरमली सड़क पर हो रही टारिंग की घटिया गुणवत्ता को लेकर दूसरे दिन भी ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों का घेराव करने के साथ विधायक के सामने ही उन्हें खरी-खोटी सुनाई। शुक्रवार सुबह विधायक विनय कुमार भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से जवाब तलब किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सड़क पर टारिंग का कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ किया जाए। वरना ग्रामीणों के साथ उन्हें भी आंदोलन का रास्ता अख्तियार करना पड़ेगा।

 बार-बार ठेकेदार बदलने के बावजूद भी घटिया सामग्री का प्रयोग

ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित ठेकेदार टारिंग के काम में लापरवाही बरत रहा है। मिट्टी को साफ किए बगैर ही सड़क पर टारिंग की जा रही है, जो पीछे से उखड़ जा रही है। सड़क की दुर्दशा को लेकर 13 नवंबर को ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के काफिले को सड़क पर रोककर इसे पक्का करवाने की गुहार लगाई थी। मुख्यमंत्री ने सड़क की टारिंग के लिए बजट का प्रावधान करके इससे पक्का करने का काम तो शुरू करवा दिया, पर इस पर विवाद हो गया है।

हाथ से टारिंग उखाड़ते ग्रामीण

बिरला पंचायत के पूर्व प्रधान इंद्र सिंह, मोहन लाल, वार्ड सदस्य जयपाल, महिला मंडल की प्रधान शीला देवी, नवयुवक मंडल प्रधान रवि कुमार, पूरन चंद, कृष्णा देवी का आरोप है कि बार-बार ठेकेदार बदलने के बावजूद भी घटिया सामग्री का प्रयोग हो रहा है। टारिंग हाथों से उखड़ जा रही है। मिट्टी पर तारकोल डाल कर सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है। सहायक अभियंता दिलीप चौहान ने बताया कि वीरवार को वह सरकारी कार्यक्रम में व्यस्त होने के कारण मौके पर नहीं जा सके। सूचना मिलते ही काम बंद करवा दिया गया है।

 

इस दौरान महिलाओं ने विधायक के समक्ष ही सड़क की तीन दिन पुरानी टारिंग को अपने हाथों से उखाड़ कर दिखाया। यह देख विभागीय अधिकारियों के पसीने छूट गए। विधायक ने कहा कि 3.50 करोड़ की लागत से आठ किलोमीटर लंबी इस सड़क को पक्का करने का कार्य बमुश्किल हो रहा है। इस कार्य में लापरवाही बरतने के साथ नियमों के विरुद्ध कार्य किया जा रहा है। मिट्टी पर ही तारकोल बिछाया जा रहा है। संबंधित ठेकेदार इस कार्य को आगे सबलेट कर जमकर अनियमिताएं बरत रहा है।

जबकि, सड़क की सुविधा को लेकर क्षेत्र के गरीब किसानों ने अपनी मलकीयत भूमि को विभाग के नाम किया था। बता दें कि वीरवार को सड़क की टारिंग के दौरान महिलाओं और ग्रामीणों ने मौके पर एकत्रित होकर हाथ से ही टारिंग को उखाड़ दिया था। ग्रामीणों ने सड़क के निर्माण में घटिया गुणवत्ता का आरोप लगाते हुए इस कार्य को बंद करवा दिया। घटना के अगले ही दिन क्षेत्र के विधायक विनय कुमार ने ग्रामीणों की इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए मौके पर पहुंचकर सड़क की स्थिति का जायजा लिया। इस मौके पर सहायक अभियंता दलीप चौहान और कनिष्ठ अभियंता प्रवीण कुमार भी मौजूद रहे।

सड़क पर की गई टारिंग की होगी जांच, पांच दिन में मांगी रिपोर्ट
सिरमौर जिले की ददाहू-बिरला वाया तिरमली सड़क पर की गई टारिंग की जांच होगी। लोक निर्माण मुख्यालय ने इसके लिए जांच टीम गठित की है। विभाग के इंजीनियर इन चीफ अजय गुप्ता ने पांच दिन के भीतर इसकी रिपोर्ट मांगी है। टीम के सदस्यों को मौके पर जाने के निर्देश दिए गए हैं। टीम में अधिशाषी अभियंता, सहायक अभियंता को शामिल किया गया है। बाकायदा टारिंग के सैंपल लिए जाएंगे। इसकी जांच लोक निर्माण विभाग की क्वालिटी कंट्रोल विंग की प्रयोगशाला में करवाई जाएगी।

जांच में गड़बड़ी पाई जाने पर अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई होगी। उल्लेखनीय है कि ददाहू-बिरला वाया तिरमली सड़क  से मिट्टी हटाए बिना टारिंग कर दी। घटिया टारिंग के विरोध में गुस्साए ग्रामीणों ने हाथ से करीब 200 फीट के दायरे में टारिंग को उखाड़ दिया। तिरमली के समीप ग्रामीणों ने ठेकेदार के मजदूरों को भगा दिया। लोगों ने मौके पर नारेबाजी भी की। चार सालों से अधर में लटकी इस सड़क पर टारिंग का काम चल रहा है। यह सड़क चार किलोमीटर तक पक्की की जानी है।