जल शक्ति विभाग में एक ही कार्य के 4 बार हो रहे टेंडर: मुकेश अग्निहोत्री

मंडी:  हिमाचल प्रदेश में नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री (Mukesh Agnihotri) ने जल शक्ति विभाग में हो रही टेंडरों प्रक्रिया पर बडा खुलासा किया है. मंडी में पत्रकार वार्ता के दौरान नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने टेंडर (Tender) प्रक्रिया में हो रही धांधली को लेकर भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान उठाए हैं. उन्होंने सरकार के जलशक्ति विभाग (Jal Shakti Vibhag) से जारी कार्य के टेंडर नियमों और योग्यता में हुए चार बार बदलाव की ऑफिस कॉपी मीडिया के सामने प्रस्तुत की. मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार अपने चहेतों को किस प्रकार से लाभ पहुंचाने में लगी हुई है, यह जलशक्ति विभाग के टेंडरों के प्रक्रिया से जगजाहिर हो रहा है.

उन्होंने बताया कि एक ही कार्य के लिए मांगे गए टेंडर में बार-बार नियमों और योग्यता आदि विषयों को लेकर चार बार बदलाव के आदेश जारी किए गए हैं. इनमें जलशक्ति विभाग के द्वारा टेंडर के लिए पहला बदलाव 27 दिसंबर 2019 में जारी किया गया, दूसरा 10 जनवरी 2020, तीसरा 28 जुलाई 2020 और चौथे बदलाव का ऑर्डर 9 अक्टूबर 2020 को जारी किया गया, जिनमें हर बार नियमों और योग्यता के पैमानों में बदलाव किया गया है. मुकेश ने कहा कि इससे साफ पता चलता है कि सरकार किस प्रकार से कुछ खास ठेकेदारों को काम दिलवाने के लिए इस प्रकार का कार्य कर रहे हैं.