पर्यटकों और आम यात्रियों की सुविधा के लिए कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर उतरेगी नई बोगियां

पर्यटकों और आम यात्रियों की सुविधा के लिए विश्व धरोहर कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर अगले वर्ष मार्च में नई बोगियां उतारी जाएंगी। इसके लिए रेल मंत्रालय से बोर्ड को मंजूरी मिल गई है। पहले चरण में बोर्ड 30 कोच तैयार करवाएगा। ये सभी कोच आधुनिक किस्म के होंगे। बोर्ड ने रेल मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला को इसके बारे में पत्र लिखा है और एक कोच दिसंबर में ट्रायल के लिए तैयार करने को कहा है। जानकारी के अनुसार हैरिटेज रेल लाइन पर आरामदायक सफर के लिए नए कोच तैयार किए जाने हैं।

इनमें से कुछ आधुनिक किस्म की बोगियां तैयार होंगी। अन्य ट्रेनों की बोगियों की मरम्मत होगी। बताया जा रहा है कि आधुनिक किस्म के करीब 70 नए कोच तैयार होने हैं। इसके लिए रेलवे बोर्ड ने कार्य शुरू कर दिया है। रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला से बोगियों का डिजाइन मंगवाकर बोर्ड ने मंत्रालय को भेजा था, जिसमें से रेल मंत्रालय ने आधुनिक डिजाइन को मंजूरी दी है। पहले चरण में 30 कोच तैयार होंगे, जिन्हें कालका में असेंबल किया जाएगा।

दिसंबर में ट्रायल के दौरान उन सभी चीजों को ध्यान में रखा जाएगा, जिससे यात्री सुरक्षित और आरामदायक महसूस करें। वर्तमान में इस ट्रैक पर पर्यटकों के लिए विस्ताडोम कोच सहित चार्टर्ड और अन्य कोच चलाए गए हैं। उधर, रेलवे मंडल अंबाला के डीआरएम जीएम सिंह ने बताया कि मंत्रालय से 30 कोच बनाने की मंजूरी मिली है। रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला इस कार्य को करेगा। मार्च में कोच तैयार करने का लक्ष्य है। दिसंबर में एक कोच का ट्रायल होगा। संवाद

पूर्व रेल मंत्री भी दे चुके हैं डिब्बे बदलने के निर्देश
कालका-शिमला रेललाइन पर चलने वाली सभी रेलगाड़ियों के डिब्बों को बदलने की बात तत्कालीन रेल मंत्री पीयूष गोयल की ओर से शिमला दौरे के दौरान कही गई थी। इस दौरान उन्होंने सभी ट्रेनों को मॉडर्न बनाने के निर्देश दिए थे।