हिमाचल: चुनावी मुद्दों में जिन्न की तरह प्रकट होकर महंगाई अब गायब

हिमाचल प्रदेश में लोकसभा की एक और विधानसभा की तीन सीटों के उपचुनाव में महंगाई जिन्न की तरह प्रकट होकर अब गायब है। राजनीतिक दल एक-दूसरे के खिलाफ छींटाकशी कर रहे हैं। न विपक्ष इस मुद्दे को उठाए रखना सही मान रहा है और न सत्तारूढ़ दल जनता को माकूल जवाब देना चाह रहा है। गैस सिलिंडर, सीमेंट, सरिया, राशन, पेट्रोल-डीजल समेत दैनिक उपयोग की कई वस्तुएं महंगी हो गई हैं। गैस सिलिंडर एक हजार रुपये पार हो गया है। ब्रेड से लेकर दालों, खाद्य तेल आदि के दाम हर महीने बढ़ रहे हैं। पिछले दिनों प्याज की कीमत 50 और टमाटर की 70 रुपये हो गई है। सीमेंट के रेट दस रुपये प्रति बैग बढ़े हैं। अभी और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

सरिया के रेट 400 रुपये प्रति क्विंटल हो चुके हैं। बजरी, रेत, ईंटों के दाम बढ़े हैं। डीजल भी महंगा हो गया है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार मंडी में विपक्ष मुख्यमंत्री को रावण जैसी उपमाएं देने, कारगिल लड़ाई जैसे मुद्दों पर विवादित बयान देकर खुद ही महंगाई जैसे गंभीर मुद्दों से लोगों का ध्यान हटा रहा है। उसे मुद्दा समझ नहीं आ रहा है या समझना नहीं चाह रहा है। सत्तारूढ़ दल को और क्या चाहिए, उसका काम तो और भी आसान हो रहा है कि महंगाई मुद्दा ही नहीं बन पा रहा है। जनता सोशल मीडिया पर ही महंगाई को लेकर भड़ास निकाल रही है। तरह-तरह के कार्टून और वीडियो बना रही है। कांग्रेस नेता अगर महंगाई की बात करते भी हैं तो भाजपा नेता पलटकर जवाब देते हैं कि महंगाई तो कांग्रेस के वक्त में भी थी। कांग्रेस के  सवाल इसके बाद खत्म हो रहे हैं।

हमारे देश में पैदा नहीं होता पेट्रोल-डीजल : गणेश 
भाजपा की चुनाव प्रबंधन समिति के प्रमुख गणेश दत्त ने कहा कि भाजपा महंगाई का कतई समर्थन नहीं करती है। पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की कीमतें अंतरराष्ट्रीय मानकों से तय होती हैं। पेट्रोल-डीजल हमारे देश में पैदा नहीं होता है। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से भी अन्य वस्तुओं की कीमतें बढ़ती हैं। मोदी सरकार राशन पर सब्सिडी दे रही है। गरीबों को हिमाचल में भी सस्ता राशन मिल रहा है। महंगाई तो कांग्रेस के वक्त में भी रही है। उस वक्त की बातें कांग्रेस को याद नहीं आ रही है।

सोची-समझी चाल के तहत भाजपा दबा रही महंगाई का मुद्दा : चौहान 
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता नरेश चौहान ने कहा कि एक सोची-समझी चाल के तहत महंगाई के मुद्दे को सत्तारूढ़ दल उठने नहीं दे रहा है। कांग्रेस नेता जनसभाओं में इस मुद्दे को उठा रहे हैं, मगर बीच में ऐसे शिगूफे छोड़े जा रहे हैं, जो इस मुद्दे को दबा रहे हैं। भाजपा के लोग कहें कि मोदी जब मुख्यमंत्री थे तो महंगाई पर क्या कहते थे। भाजपा नेता का यह बयान अजीबोगरीब है कि पेट्रोल-डीजल हमारे देश में पैदा नहीं होता तो इसलिए रेट बढ़ गए हैं। क्रूड ऑयल के रेट कितने थे, इसका सबको पता है। मोदी सरकार ने इस पर एक्साइज ड्यूटी इकट्ठा करने पर जोर दिया। महंगाई को जनता पर छोड़ दिया। नियंत्रण कहीं भी नहीं है।