अब नही जाऊंगा विदेश, अपने देश में करूंगा नौकरी, अफगानिस्तान से सरकाघाट लौटे राहुल ने साझा किया दर्द

अफगानिस्तान के काबुल से राहुल बराड़ी बिलकुल सही सलामत सरकाघाट क्षेत्र के रोपा कालोनी स्थित अपने घर बुधवार को पहुंच गया। घर पहुंचते ही परिवार और रिश्तेदारों में खुशी की लहर दौड़ गई। कई दिनों से बेटे के इंतजार में बैठी मां ने तिलक लगाकर आरती उतारी। घर पहुंचते ही राहुल ने कहा कि अब कभी नहीं जाऊंगा विदेश, अपने ही देश करूंगा नौकरी। राहुल ने बताया कि फरवरी महीने में वह अफगान गया था। वहां पर यूएसए की कंपनी में बतौर सिक्योरिटी आफिसर तैनात था। इसी दौरान वहां पर अफगान और तालिबान के बीच में युद्ध छिड़ गया। रोजाना गोलीबारी होती रही बाहर जाते तो रात को वापस आने की कोई उम्मीद नहीं थी। जब वहां पर अटैक हुआ, तो वह कंपनी के दफ्तर में ही थे।

पांच दिनों के लंबे इंतजार बाद हवाई अड्डे तक तालिबान के लड़ाकों द्वारा ही उन्हें दस गाडिय़ों में अन्य भारतीयों के साथ एयरपोर्ट लाया। वहां से यूएस की कंपनी ने उन्हें दुबई तक पहुंचाया। दुबई से लंदन और लंदन से कतर पहुंचे। इसके उपरांत कतर से दिल्ली और दिल्ली से चंडीगढ़ फ्लाइट में आए। उन्होंने बताया कि 500 लोग उनकी कंपनी में तैनात थे। इंडियन आर्मी और इंडियन एंबेसी 15 अगस्त को ही वापस इंडिया लौट गई थी और अन्य कंट्री के लोग अपने कर्मचारियों को बाहर निकालते रहे। राहुल के घर पहुंचने पर उसके सास-ससुर और अन्य रिश्तेदारों के साथ-साथ मां आशा बराड़ी, पिता कर्नल बलवंत बराड़ी, पत्नी आशा कुमारी और सात साल की बेटी ओजस्विनी ने केक काटकर बकायदा खुशी मनाई। (एचडीएम)

पिता के काम में होगी अब मदद

राहुल ने कहा कि अब वह कभी भी अपने परिवार को छोड़कर विदेश नहीं जाएगा। अपने देश में ही रोजगार करेगा। पिता के निजी स्कूल में उनकी मदद करेगा।