किन्नौर: भूस्खलन से दो की मौत, 60 से अधिक फंसे

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में एक बार फिर भूस्खलन हुआ है। शिमला-किन्नौर राष्ट्रीय राजमार्ग-5 पर ज्यूरी रोड के नुगुलसारी और चौरा के बीच बुधवार को पहाड़ दरकने के बाद एक बस और कुछ कारें समेत छह गाड़ियां इसकी चपेट में आ गईं। इससे 60 से अधिक लोग मलबे में दब गए। इनमें बस चालक समेत 10 लोगों को निकाल लिया गया है जबकि दो यात्रियों की मौत हो गई है। बाकी फंसे लोगों को निकालने और राहत व बचाव कार्य में स्थानीय प्रशासन के साथ सेना, एनडीआरएफ और आईटीबीपी की टीमें लगी हुई हैं।

किन्नौर के उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक के अनुसार, मलबे में फंसी बस हिमाचल रोडवेज की है। बस किन्नौर के रेकॉन्ग प्यो से शिमला जा रही थी। उसमें 40 से अधिक यात्री सवार थे। एक बस, एक ट्रक, बोलेरो और तीन टैक्सियों पर चट्टानें गिरी हैं। सादिक ने बताया कि पत्थर अब भी गिर रहे हैं जिससे बचाव अभियान में कठिनाई आ रही है। हिमाचल सरकार ने बचाव अभियान के लिए उत्तराखंड और हरियाणा सरकार से हेलिकॉप्टर मांगे हैं। सेना ने भी अपने दो हेलिकॉप्टर भेजे हैं। जानकारी के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी घटनास्थल पहुंचकर बचाव अभियान का जायजा ले सकते हैं।

राज्य आपातकालीन ऑपरेशन केंद्र के अनुसार, घटना में दो लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ और पुलिस की टीमों को बचाव अभियान के लिए मौके पर भेजा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा, फिसलन और पत्थरबाजी जारी है। बचाव दल बचाव अभियान शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं। 17वीं बटालियन, 19वीं बटालियन और 43वीं बटालियन के आईटीबीपी के जवान भूस्खलन स्थल पर पहुंच गए हैं। प्रवक्ता विवेक पांडे के मुताबिक, मलबे में 40 लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। उन्होंने बताया कि आईटीबीपी की तीन बटालियनों के करीब 200 जवान मौके पर हैं, जहां भूस्खलन हो रहा है।

राज्य आपदा प्रबंधन बल के निदेशक कुमार मोखता ने बताया कि बचाव अभियान के शुरुआती घंटों में कम से कम 10 लोगों को घायल अवस्था में मलबे में से निकाला गया और पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया। साथ ही बताया कि दो लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं।

नड्डा ने पार्टी कार्यकर्ताओं से जुटने को कहा

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पार्टी कार्यकर्ताओं से प्रभावित क्षेत्र में हरसंभव मदद करने का आग्रह किया है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में भूस्खलन बेहद परेशान करने वाला है। कई लोगों के फंसे होने की खबर है। बचाव के लिए आईटीबीपी की टीमों को तैनात किया गया है। मैं पार्टी कार्यकर्ताओं से प्रभावित क्षेत्रों में हरसंभव मदद देने का अनुरोध करता हूं।

प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री से बात की, हरसंभव मदद का भरोसा

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से बात कर वहां भूस्खलन के कारण उत्पन्न स्थिति का जायजा लिया और उन्हें हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक ट्वीट में कहा, किन्नौर में भूस्खलन से पैदा हुई स्थिति पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से बात की। प्रधानमंत्री ने वहां जारी राहत अभियान के लिए हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी भूस्खलन के कारण उत्पन्न स्थिति का जायजा लेने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से बातचीत की। गृह मंत्री ने आईटीबीपी को बचाव एवं राहत अभियानों में हिमाचल सरकार को सभी प्रकार की सहायता देने का निर्देश दिया है।