राम सुभग सिंह ने संभाला नए मुख्य सचिव का पदभार

शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार ने अनिल खाची को मुख्य सचिव के पद से हटाने के बाद अब राम सुभग सिंह को नया मुख्य सचिव नियुक्त किया है. गुरुवार को नियुक्ति आदेश जारी कर दिए गए हैं. राम सुभग सिंह 1987 बैच के हिमाचल काडर के आईएएस अधिकारी हैं. इससे पहले उनके पास अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग, परिवहन, श्रम एवं राजेगार विभाग का कार्यभार था.

इससे पहले, गुरुवार सुबह हिमाचल प्रदेश सरकार ने मुख्य सचिव अनिल खाची को पद से हटा दिया. बीते बुधवार को ही चर्चा चल रही थी कि खाची को सरकार हटाने जा रही है. वहीं, प्रदेश सरकार ने अनिल खाची को राज्य चुनाव आयुक्त के पद पर नियुक्ति दी है। इस संबंध में नियुक्ति आदेश जारी कर दिए गए हैं. हिमाचल सरकार ने 1986 बैच के आईएएस अधिकारी अनिल कुमार खाची को दिसंबर 2019 में मुख्य सचिव नियुक्त किया था.

खाची को हटाने को लेकर सदन में हंगामा हुआ है. कांग्रेस ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए. वहीं, सीएम ने कहा कि यह सरकार का अधिकार है, किसका कहां तबादला करना है. मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि अधिकारियों को तैनात करने का अधिकार सरकार के पास है लेकिन इस मामले पर विपक्ष को राजनीति नहीं करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि आप चीफ सेक्रेटरी लगाते थे तो पूछते थे ऐसे मामलों पर सदन में चर्चा नहीं होनी चाहिए.स्पीकर विपिन सिंह परमार ने कहा कि यह सरकार के अधिकार क्षेत्र का मामला है.वह इसे मंजूर नहीं करेंगे.उन्होंने सदन की अगली कार्यवाही करने को कहा.मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि पीछे मुड़कर देखें. मुख्य सचिव इनके समय में वह भी लगते रहे हैं, जो छठे नंबर पर थे. एक पद खाली था.उस दृष्टि से यह निर्णय लिया गया है, उन्हें जो दायित्व दिया जा रहा है, वह संवैधानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण था. सरकार ने वरिष्ठता को नजरअंदाज नहीं किया है.कांग्रेस ने तो छठे नंबर के अधिकारी को मुख्य सचिव बना दिया था.

नेता विपक्ष अग्निहोत्री ने कहा कि ऐसा क्या है कि अब छठा मुख्य सचिव बदला जा रहा है यह चर्चा जोरों पर है कि सरकार मुख्य सचिव को बदलने जा रही है. इसका विपक्ष ने सदन में जोरदार विरोध किया और हंगामा हुआ.मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि विपक्ष के पास मुद्दों की भरमार है. ऐसे में मुख्यमंत्री यह न सोचे की विपक्ष के पास मुद्दे नहीं हैं, लेकिन जिस तरह से उच्च अधिकारियों का तबादला किया जा रहा है है वह चिंतनीय है. उन्होंने कहा की मुख्य सचिव के तबादले से पहले मंत्री और अधिकारी के बीच फंड को लेकर विवाद भी हुआ है. लेकिन विपक्ष सिर्फ यही जानना चाहा रहा था की कपड़ों की तरह अधिकारियों बदले जा रहे हैं जो चिंता का विषय है.