रेवाड़ी: स्वार्ड ऑफ ऑनर अवॉर्ड पाने वाली देश की पहली महिला अधिकारी आईपीएस रंजीता शर्मा

भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के आरआर-72 बैच की अधिकारी रंजीता शर्मा ने प्रशिक्षण के दौरान गृह मंत्रालय का आईपीएस एसोसिएशन स्वार्ड ऑफ ऑनर का अवॉर्ड प्राप्त किया है। बकौल रंजीता इस पुरस्कार को हासिल करने वाली वह देश की पहली महिला अधिकारी हैं।

रंजीता शर्मा रेवाड़ी के गांव डहीना निवासी सतीश शर्मा की बेटी हैं। वह वर्ष 2019 आईपीएस बैच की अधिकारी हैं। यह अवॉर्ड आउट डोर ट्रेनिंग के आधार पर दिया जाता है। 31 जुलाई को प्रधानमंत्री ने रंजीता से पूछा था कि आपकी उपलब्धि के बाद घर व आसपास की बेटियों में क्या बदलाव दिखा। इस पर रंजीता ने कहा कि कई परिजनों ने बेटियों को प्रेरित करने के लिए मुझे बुलाया और यह मेरे लिए सौभाग्य से कम नहीं था। अब मेरी वर्दी को देखकर यदि एक भी बेटी प्रेरणा लेती है तो यह मेरे लिए गर्व की बात होगी।

आईपीएस बैच 2019 आरआर-72 में देशभर से कुल 144 प्रशिक्षु अधिकारी हैं। ट्रेनिंग के दौरान रंजीता शर्मा ने वितरित की गई कुल 50 ट्राफियों में से आठ ट्राफियां जीतने की उपलब्धि हासिल की है। रंजीता के चाचा एडवोकेट सुधीर शर्मा ने बताया कि आईपीएस बैच 2019 का दीक्षांत समारोह आगामी 6 अगस्त को फरीदाबाद में होगा। दीक्षांत समारोह में आरआर-72 बैच की कमांडर रंजीता शर्मा होंगी।

दीक्षांत समारोह से पूर्व 31 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे बैच को संबोधित किया था। प्रधानमंत्री ने रंजीता शर्मा से विशेष रूप से बातचीत की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की। प्रधानमंत्री ने रंजीता से पूछा था कि आप योग में रुचि रखती हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहती थी, लेकिन पुलिस सेवा में कैसे आई। इस पर रंजिता ने बताया कि आईटी फील्ड में करीब 9 साल कार्य किया। लेकिन कुछ ऐसा करना चाहती थी, जिसका असर तुरंत देखने को मिले और समाज के करीब जाकर कार्य कर सकूं। प्रधानमंत्री ने कहा कि क्या कोई ऐसा लक्ष्य निर्धारित किया है, जिससे पुलिस व्यवस्था में बदलाव किया जा सके। इस पर रंजीता ने कहा कि पुलिस की छवि को सुधारने के लिए हर संभव प्रयास करना है।

प्रधानमंत्री ने ड्यूटी के अलावा बेटियों को योग कराने की दी सलाह
प्रधानमंत्री ने रंजीता को सलाह देते हुए कहा कि आपको जहां भी ड्यूटी का अवसर मिले, सप्ताह में एक घंटे बेटियों के स्कूल में जाकर लड़कियों से बात करें। इसके अलावा खुले बगीचे में योग कक्षाएं भी चलाएं। ऐसा करने का असर कुछ ज्यादा होगा। इस मौके पर रंजीता ने कहा कि पूरी ईमानदारी व निष्ठा के साथ अगर कोई काम किया जाए तो कामयाबी निश्चित तौर पर मिलती है। उन्होंने अपनी कामयाबी का श्रेय माता-पिता व दादा लक्ष्मीनारायण शर्मा के आशीर्वाद को दिया है।