वेश्यावृत्ति करवाने की आरोपी महिला गिरफ्तार

चरखी दादरी (हरियाणा): असम निवासी किशोरी से दादरी में हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में पुलिस ने वेश्यावृत्ति करवाने की आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार महिला की गिरफ्तारी बुधवार शाम दादरी से हुई है और गिरफ्तारी के तुरंत बाद पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया। मामले में गहनता से पूछताछ के लिए उसे तीन दिन के रिमांड पर लिया गया है। शुक्रवार को रिमांड अवधि पूरी होने के बाद उसे दोबारा से कोर्ट में पेश किया जाएगा। हालांकि पुलिस इस मामले में अभी और खुलासा नहीं कर रही है।

पुलिस प्रवक्ता पवन कुमार का कहना है कि अभी आरोपी महिला से पूछताछ जारी है। रिमांड अवधि पूरी होने पर शुक्रवार को उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। प्रवक्ता ने बताया कि आरोपी महिला पर पहले भी वेश्यावृत्ति से जुड़े तीन मामले दर्ज हैं। गौरतलब है कि असम निवासी एक किशोरी से चरखी दादरी में सामूहिक दुष्कर्म हुआ था।

मामला उजागर होने के बाद पुलिस ने इस संबंध में केस दर्ज किया था। दादरी निवासी उषा जांगड़ा पर भी इस मामले में संगीन आरोप लगे थे और वो फरार चल रही थी। इस मामले में बुधवार को दादरी पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर आरोपी महिला उषा को गिरफ्तार कर लिया। प्रवक्ता पवन कुमार ने बताया कि बुधवार शाम ही पुलिस ने आरोपी महिला को कोर्ट में पेश कर पूछताछ के लिए तीन दिन के रिमांड पर लिया है।

बच्ची को खरीदकर लाई थी आरोपी महिला
इस मामले में पूर्व की जांच में सामने आया था कि दादरी निवासी आरोपी महिला बच्ची को असम से खरीदकर लाई थी। चरखी दादरी में उससे सामूहिक दुष्कर्म हुआ। मामला उजागर होने के बाद सीडब्ल्यूसी दादरी ने पीड़िता को भिवानी बाल आश्रम भेजा था। बाल आश्रम में भी बच्ची के साथ काउंसलर ने छेड़छाड़ की।

काउंसलिंग के दौरान पीड़िता पर बनाया गया दबाव
भिवानी में काउंसलिंग के दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष की बेटी और सीडब्ल्यूसी सदस्या के पीड़िता पर दबाव बनाने का खुलासा भी इस मामले में हो चुका है। कुछ दिन पहले राई में हुई काउंसलिंग के दौरान पीड़िता ने इसका खुलासा किया था। पीड़िता का कहना था कि शिकायत वापस लेने के लिए उस पर दबाव बनाया गया और बदले हुए बयानों पर जबरन हस्ताक्षर भी करवाए गए।

कार्रवाई की सिफारिश के लिए राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग ने जारी की थी रिपोर्ट
इस मामले में राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग और हरियाणा बाल संरक्षण आयोग ने भी अपनी रिपोर्ट जारी की थी। इसमें बाल कल्याण समिति भिवानी की सदस्या प्रियंका धूपड़, जिला बाल कल्याण अधिकारी नरेंद्र और मनोज एलपीओ को निलंबित करने की सिफारिश की गई थी। राष्ट्रीय आयोग ने इनके खिलाफ कार्रवाई की भी सिफारिश की थी।