सोलन की बेटी बनी पहली लेडी वन अरण्यपाल

नाहन: जिला सिरमौर में करीब-करीब 65 साल में पहली बार नाहन वन वृत (Forest Circle) को अरण्यपाल (Conservator) के तौर पर महिला अधिकारी(Lady Officer) मिली है। खास बात यह है कि वो यंग फाॅरेस्ट कंजरवेटर (अरण्यपाल) हैं। 2005 बैच की आईएफएस (Indian Forest Services)   मूलतः सोलन के धर्मपुर की रहने वाली हैं। लगभग 7 साल तक केंद्रीय प्रतिनियुक्ति(Central deputation) के बाद इसी साल वापस हिमाचल लौटी थी।

39 साल की उम्र में अरण्यपाल बनने वाली पहली महिला

हालांकि वन अरण्यपाल सरिता कुमारी ने सिरमौर में अपनी पारी फरवरी माह में ही शुरू कर दी थी, लेकिन इस बात का इल्म किसी को नहीं था कि वो 39 साल की उम्र में अरण्यपाल बनने वाली पहली महिला हैं। साथ ही कम उम्र में काफी तर्जेुबे भी हासिल किए हैं। उल्लेखनीय है कि हिमाचल के वन विभाग  में पहली महिला पीसीसीएफ बनने का गौरव डाॅ. सविता को हासिल है। 1985 बैच की आईएफएस डाॅ. सविता इस समय राज्य की मुखिया है।

 

भारतीय वन अनुसंधान केंद्र देहरादून में टीचिंग फैकल्टी में रही

वन अरण्यपाल सरिता कुमारी ने केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के दौरान देश के ग्रामीण विकास विभाग (Rural development department) में उप सचिव के तौर पर सेवाएं दी। इसके बाद वो भारतीय वन अनुसंधान केंद्र देहरादून में टीचिंग फैकल्टी में रही। पति भी सोलन में इसी पद पर तैनात हैं। हालांकि अरण्यपाल सरिता ने कृषि व माइक्रो बायोलाॅजी (Microbiology) में पढ़ाई की है, लेकिन बचपन से जंगलों व वन्य प्राणियों (Wild life) के प्रति गहरे लगाव ने उन्हें आईएफएस अधिकारी बना दिया।