मंडी: चंडीगढ़-मनाली हाईवे पर भूस्खलन से बसों में घंटों भूखे-प्यासे फंसे रहे यात्री

चंडीगढ़-मनाली हाईवे पर सात मील के पास सोमवार सुबह हुए भूस्खलन ने आपदा प्रबंधन के पुख्ता प्रबंधों की पोल खोल दी है। सुबह आठ बजे चंडीगढ़-हाईवे पर एक दर्जन से अधिक निगम और निजी बसों में सवार यात्री घंटों भूखे-प्यासे बसों में कैद रहे। इन्हें गंतव्य स्थान तक पहुंचाने के लिए किसी ने भी जहमत नहीं उठाई। वैकल्पिक मार्ग से छोटे वाहनों को रवाना कर दिया गया जबकि बड़े वाहनों में सवार यात्रियों का हाल किसी ने भी नहीं जाना।

निगम की बसों में छोटे बच्चों के साथ सफर कर रही महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ी। न्यायालय के कार्यों के लिए घरों से निकले लोग भी बीच सफर में फंसे रहे। घंटों इंतजार के बाद भी जब बसों में बंद लोगों को सहायता नहीं मिल पाई तो मजबूरन लोगों ने पैदल ही बारिश के बीच अपने गंतव्य स्थानों की ओर रुख किया। कई किलोमीटर पैदल सफर तय करने के बाद लोग अपने गंतव्य स्थान तक पहुंचे। डीसी मंडी अरिंदम चौधरी ने बताया कि तेज बारिश के बीच थोड़ी परेशानी हुई है।

मनाली से निजी बस में सुबह पांच बजकर बीस मिनट पर मंडी के लिए रवाना हुए जोगिंद्रनगर के राजेश शर्मा सुबह करीब नौ बजे सात मील में हुए भूस्खलन के दौरान डेढ़ घंटा बस में फंसे रहे। उसके बाद निराश होकर पैदल ही मंडी की ओर रवाना हुए। करीब दो किलोमीटर का सफर पैदल तय करने के बाद सड़क पर गुजर रहे एक वाहन से लिफ्ट लेकर मंडी पहुंचे। तत्पश्चात वह जोगिंद्रनगर के लिए मंडी बस अड्डे से रवाना हुए।

मनाली के कारोबारी महेश कुमार भी सात मील में हुए भूस्खलन से परेशानी झेलते रहे। वह भी निजी बस में सवार होकर जिला मुख्यालय में किसी कार्य को निपटाने के लिए घर से सुबह करीब पांच बजकर तीस मिनट पर मंडी के लिए रवाना हुए। सात मील के नजदीक अचानक हुए भूस्खलन से वह भी अपने गंतव्य स्थान की ओर जाने के लिए पैदल मजबूर हुए।

प्रदेश भाजपा सह प्रभारी भी फंसे रहे
प्रदेश भाजपा सह प्रभारी संजय टंडन ने सोमवार को लाहौल जाना था। वहां कुछ मीटिंग थी लेकिन चंडीगढ़-मनाली एनएच बंद रहने के कारण वह सुबह नहीं जा सके। दोपहर बाद ही संजय टंडन लाहौल के लिए निकले।