16 कमरों का तीन मंजिला आशियाना भूस्खलन की चपेट में आने से जमींदोज

धर्मशाला:  मानसून की भारी बरसात (heavy rain) से कई जगहों पर नुकसान की खबरें मिल रही हैं. कांगड़ा (kangra) के नगरोटा बगवां से एक बच्ची लापता हो गई. 9 साल की बच्ची पानी में बह गई, जिसके बाद उसका पता नहीं चला. मामले की गुमशुदगी दर्ज करा दी गई. वहीं शिमला (shimla) ज़िला के चौपाल उपमण्डल की कुपवी तहसील में बारिश ने जमकर कहर बरपाया है. यहां लकड़ी से बना 16 कमरों का तीन मंजिला आशियाना भूस्खलन की चपेट में आकर जमींदोज हो गया है. परिवार के 7 सदस्यों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है, जबकि एक युवक मलवे की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया है.

जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत भालू के भानल-संनत गांव में सोमवार सुबह सुंदर सिंह पुत्र हरि राम का मकान अचानक भूस्खलन की चपेट में आकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है. भूस्खलन की भयानक आवाज सुनते ही परिवार के 7 सदस्य समय रहते सुरक्षित स्थान तक पहुंचने में कामयाब रहे, मगर एक युवक नरेश कुमार पुत्र श्याम सिंह हादसे के वक्त मकान के एक कमरे में सोया हुआ था. वह भूस्खलन और क्षतिग्रस्त घर में मलवे में दब गया.

परिवार के सदस्यों द्वारा चुख-पुकार मचाने के बाद आसपास के लोग मदद के लिए पहुंचे और घायल व्यक्ति को मलवे के नीचे से बाहर निकाल कर उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुपवी पहुंचाया गया. कुपवी अस्पताल में प्राथमिक उपचार देने के बाद चिकित्सकों द्वारा गंभीर रूप से घायल युवक को आगामी उपचार के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है. घर की पशुशाला में बंधे मवेशियों को भी स्थानीय लोगों द्वारा सुरक्षित स्थान पर पहुंचा कर उनकी जान बचाई गई है.

तहसीलदार कुपवी राजेन्द्र शर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पीड़ित परिवार के सदस्यों को रेस्क्यू करने के बाद समीप में एक सुरक्षित घर में रखा गया है, जबकि घायल युवक के परिजनों को प्रशासन द्वारा 5 हजार रुपये की फौरी राहत प्रदान की गई है. भूस्खलन से बेघर हुए लोगों की मदद के लिए राहत सामग्री लेकर प्रशासन की टीम मौके के लिए रवाना हो गई है. नुकसान का आंकलन करके पीड़ित परिवार को प्रशासन द्वारा हर संभव सहायता मुहैया करवाई जाएगी.