जम्मू: ड्रोन से हमला करते हुए आतंकियों ने जम्मू एयरफोर्स स्टेशन को निशाना बनाने की कोशिश

जम्मू में सोमवार तड़के कालूचक में 68 सेना ब्रिगेड के संतरी ने एक ड्रोन देखा। त्वरित कार्रवाई की गई। ड्रोन को निशाना बनाते हुए कई फायरिंग की गई। लेकिन लक्ष्य चूक गया। सेना इलाके को घेरकर तलाशी अभियान चला रही है, लेकिन अभी तक कोई बरामदगी नहीं हुई है।

इससे पहले रविवार को देश में पहली बार ड्रोन से हमला करते हुए आतंकियों ने जम्मू एयरफोर्स स्टेशन को निशाना बनाया था। आधी रात को हाई सिक्योरिटी वाले एयरफोर्स स्टेशन में दो धमाके हुए। हमले में एयरफोर्स स्टेशन की एक इमारत की छत में सुराख हो गया। आतंकियों का निशाना तकनीकी एयरपोर्ट में खड़े विमान थे।

हमले के बाद उधमपुर समेत सभी एयरफोर्स स्टेशनों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पूरे प्रदेश में अलर्ट घोषित कर दिया गया है। एयरफोर्स के साथ एनआईए भी इस हमले की जांच कर रही है। दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

ड्रोन में आईईडी फिट करके इसे रिमोट से ऑपरेट कर हमले किए गए। पहला धमाका रात 1 बजकर 37 मिनट पर हुआ। ठीक पांच मिनट के बाद इमारत के पास ही खुले में दूसरा धमाका 1 बजकर 42 मिनट पर हुआ। हमले के बाद अफरा-तफरी मच गई। धमाके कम तीव्रता और क्षमता वाले थे। इसमें एक छत को नुकसान हुआ है, जबकि किसी तरह के यंत्र को नुकसान नहीं पहुंचा है। इस हमले में इस्तेमाल किए गए ड्रोन का कोई पता नहीं लगा है। यूएपीए के तहत मुकदमा कायम कर लिया गया है।

बॉर्डर से 10 किलोमीटर दूर है एयरपोर्ट
जम्मू का एयरपोर्ट और एयरफोर्स स्टेशन भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से करीब 10 किलोमीटर दूर है। सबसे नजदीक मकवाल बॉर्डर लगता है। लेकिन सेना का मानना है कि बॉर्डर से इतनी दूर तक ड्रोन का आना संभव नहीं। संभवत: इसे एयरफोर्स स्टेशन के आसपास से ऑपरेट किया गया हो।