पार्टी में अनदेखी के चलते भाजपा मंडल पच्छाद के अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के मंडल अध्यक्ष बाल मुकंद ने दिया अपने पद से इस्तीफा

सराहां : किसी भी पार्टी में मोर्चे गठित होने ही नही चाहिये।पार्टी के लिये सभी कार्यकर्ताओं को बिना किसी भेद भाव से समरूपता रखते हुए कार्य करके संगठन को मजबूत करना चाहिये।यह बात भाजपा मंडल पच्छाद के अनुसूचित जाती प्रकोष्ठ के अध्यक्ष बालमुकंद ने प्रेस से अपने विचार सांझा करते हुए कहे।उन्होंने अपनी वेदना सांझा करते हुए कहा कि पार्टी में अनदेखी के चलते उन्होंने भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला अध्यक्ष को 25 जून को अपना त्याग पत्र भेज दिया है जिसकी प्रतिलिपि मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष,पच्छाद मंडल अध्यक्ष,भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को भेज दी गई है।

उन्होंने कहा कि जब पार्टी में उनकी सुनवाई ही नही है,वो अपने इलाके के लोगों के काम ही न करवा सकें तो ऐसे पद का क्या फायदा।किसी दूसरी पार्टी में शामिल होने पर लगाए जा रहे कयास को लेकर जब उनसे पूछा तो उन्होंने कहा कि वो 1982 से पार्टी के कार्यकर्ता है और आगे भी संगठन के लिये काम करते रहेंगे।लेकिन पार्टी के नेतृत्व द्वारा जो रवैया अपने पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं पर अपनाया जा रहा है उससे वो काफी क्षुब्ध हैं।

आम कार्यकर्ताओ की माने तो उनका स्पष्ट रूप से कहना है कि जब पदाधिकारियों की अनदेखी हो रही है तो आम कार्यकर्ता को कौन पूछेगा।पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं का यह मानना है कि चुनाव के दौरान हमने भी स्थानीय जनता से कई वायदे किये हैं।लेकिन हमारी सुनवाई न होने के कारण वो पूरे नही हो पा रहे हैं।अब हम जनता का सामना कैसे करेंगे।गोरतलब है कि बालमुकंद पार्टी के पुराने नेता है और वो पच्छाद बीडीसी के चैयरमेन भी रह चुके हैं।