मोबाइल पर आने वाला एसएमएस बताएगा कि आपका बच्चा पढ़ रहा है या नहीं

मोबाइल पर आने वाला एसएमएस बताएगा कि आपका बच्चा पढ़ रहा है या नहीं। वहीं ऑनलाइन क्लासेज में किस तरह का रिस्पांस हो रहा है, शिक्षा विभाग ई-संवाद ऐप से छात्रों की प्रोग्रेस रिपोर्ट भेजेगा। वहीं ऑनलाइन क्लासेज को बंक मारने वाले छात्रों की शिकायत भी अब अभिभावक तक पहुंचेगी। अगर कोई छात्र बार -बार ऑनलाइन क्लासेज मिस करता है, तो ऐसे में मैसेज कर अभिभावकों को अलर्ट किया जाएगा। हालांकि शिक्षा विभाग ने अभिभावकों को फीडबैक देना शुरू कर दिया है। राज्य के सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले बच्चों की गतिविधियों का पूरा फीडबैक अब अभिभावकों को घर बैठे देने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि हर घर पाठशाला के माध्यम से दी जाने वाली ऑनलाइन स्टडी पर कई सवाल उठ चुके हैं। छात्र कक्षाएं लगा रहे हैं या नहीं, शिक्षकों को भी इस बात का पता नहीं चल पाता।

अब ऑनलाइन हाजिरी से यह सब चैक किया जाएगा। जानकारी के अनुसार समग्र शिक्षा विभाग ने 9वीं से 12वीं के बच्चों लिए भी अब प्रदेश के सभी जिलों के स्कूलों में ई-संवाद ऐप से एसएमएस सेवा शुरू कर दी है। इसमें हर घर पाठशाला से लेकर, शिक्षकों की अटेंडेंस और असेस्मेंट, रिजल्ट के बारे में अभिभावकों को घर बैठे एसएमएस मिल रहे हैं। 15 अक्तूबर को शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने किन्नौर जिला से इसकी शुरुआत की थी और अब प्रदेश के सभी जिलों में इसे शुरू कर दिया गया है। इसमें जानकारी मिल रही है कि बच्चे को स्कूल में क्या होमवर्क मिला है, टेस्ट में उसके कितने अंक आए हैं, यह तमाम तरह की जानकारी बच्चे के घर पहुंचने से पहले ही उनके माता-पिता को एसएमएस के माध्यम से दी जा रही है। इसके लिए समग्र शिक्षा अभियान ने ई-संवाद ऐप शुरू की है। यही नहीं, स्कूल शुरू होते ही रोजाना छह तरह के एसएमएस बच्चों के अभिभावकों को आएंगे। इसको लेकर भी शिक्षा विभाग ने तैयारियां पूरी कर दी हैं।

ये आ रहे एसएमएस

शिक्षकों द्वारा अभिभावकों को बच्चों की अनुपस्थिति, परीक्षा के आकलन, पीटीएम, परीक्षा की सूचना, छुट्टियों की सूचना, होमवर्क की सूचना सहित बच्चों की खूबियों व कमियों से संबंधित एसएमएस भेजे जाएंगे। अभिभावकों की सहभागिता बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग ने कोविड में खासकर यह नई पहल की है। एसएमएस से अभिभावकों को साल भर होने वाली परीक्षाओं के परिणाम से भी अवगत करवाया जाएगा।

हर स्कूल में बनेगा ई-संवाद प्रभारी

जानकारी के अनुसार इस कार्यक्रम के लिए हर स्कूल में ई-संवाद प्रभारी बनाया गया है, जिसका फोन नंबर आगे के अनुपालन के लिए पंजीकृत किया गया है। कक्षा पहली से 12वीं तक के सभी छात्रों को ऐप में पंजीकृत करने का काम सौंपा गया है।