पूर्व मंत्री नरेंद्र बरागटा का निधन, पीजीआई चंडीगढ़ में थे भर्ती

हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के जुब्बल-कोटखाई के विधायक एवं पूर्व मंत्री नरेंद्र बरागटा का निधन हो गया है। नरेंद्र बरागटा के बेटे चेतन ने ट्वीट कर ये जानकारी दी है। बरागटा दो बार मंत्री रह चुके थे। बरागटा पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती थे और कल ही हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर उनका कुशलक्षेम पूछने पीजीआई गए थे। बरागटा ठाकुर सरकार में मुख्य सचेतक भी थे।

हिमाचल मंत्रिमंडल की बैठक को स्थगित

मुख्य सचेतक नरेंद्र बरागटा के निधन के चलते होटल पीटरहॉफ में आज प्रस्तावित हिमाचल मंत्रिमंडल की बैठक को स्थगित कर दिया गया है। सचिव सामान्य प्रशासन देवेश कुमार ने इसकी पुष्टि की है। इस बैठक में अनलॉक पार्ट-2 में कई रियायतें दी जानी थीं। साथ ही प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की 12वीं की परीक्षा रद्द कर छात्रों को प्रमोट करने, कोरोना कर्फ्यू 15 जून तक बढ़ाने, दुकानें खोलने की छूट पांच बजे तक करने आदि पर फैसला होना था। वहीं नरेंद्र बरागटा के  निधन के बाद हिमाचल भाजपा ने अपने सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं। महामंत्री त्रिलोक जमवाल की ओर से बताया गया है कि पार्टी के सारे कार्यक्रम आगामी आदेशों तक स्थगित रहेंगे। पार्टी के राज्य, जिला और मंडल स्तर पर सभी कार्यक्रम रद्द किए गए हैं। वहीं हिमाचल पर्यावरण विभाग ने भी विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रस्तावित कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। बरागटा प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष भी रहे। उनके देहांत के बाद जुब्बल-कोटखाई क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।

बता दें जुब्बल-कोटखाई के विधायक एवं पूर्व मंत्री नरेंद्र बरागटा का निधन हो गया है। बरागटा पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती थे और कल ही हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर उनका कुशलक्षेम पूछने पीजीआई गए थे। मालूम हो कि बरागटा कोरोना संक्रमण से ठीक होने के बाद पोस्ट कोविड अफेक्ट से जूझ रहे थे। वो 20-25 दिनों से पीजीआई में भर्ती थे। उनकी दूसरी बीमारी डायग्नोज नहीं हो पा रही थी और उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। वहीं, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने नरेंद्र बरागटा के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने ट्वीट किया कि भारतीय जनता पार्टी हिमाचल के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री व प्रदेश सरकार में मुख्य सचेतक नरेंद्र बरागटा के निधन का समाचार सुन कर स्तब्ध हूं। आज हमने एक ईमानदार एवं कर्मठ नेता को खोया है। जुब्बल-कोटखाई व  भाजपा सहित यह पूरे हिमाचल के लिए अपूरणीय क्षति है।