मनाली-लेह सड़क पर हिमस्खलन का बढ़ा खतरा

मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए हिमपात एंव हिम-स्खलन अध्ययन प्रतिष्ठान मनाली ने जिंगजिंग बार से सरचू तक के एचएच पर हिम-स्खलन होने के अलर्ट जारी किया है। क्योंकि हिमस्खलन की शुरुआत तब होती है, जब कोई हिमख्ांड ढालदार सतह के घर्षणी प्रतिरोध को पार कर जाता है। जब हिमखंड का आधार वर्षा के कारण ढीला हो जाता है या गर्म व सूखी हवा उसे तेजी से पिघला दे। तोप के गोले दागने बादलों की गर्ज या विस्फोट होने होने वाली तेज आवाज भी हिमखंड के सरकने का कारण बन सकती है। नम हिम-स्खलन तब बनते हैं, जब भारी हिमपात के तुरंत बाद वर्षा या गर्म मौसम आ जाता है। ऐसी स्थिति में हिम-स्खलन में मुख्य रूप से पिघली हिम और जल मिश्रण होता है, लेकिन वह रास्ते में अन्य पदार्थों को भी साथ में समेट ले जाता है।

हिमाचल आपदा प्राधिकरण बोर्ड की चेतावनी, संभल कर गुजरें

हिमाचल आपदा प्राधिकरण बोर्ड ने जारी कि गई अधिसूचना के चलते जिंगजिंगबार से सरचू तक का तकरीबन 53 किलोमीटर लेह मार्ग पर यह स्थिति मौसम के बदलाव को देखते हुए बनी हुई है। हालांकि आज-कल मनाली से लेह के लिए वाहनों की आवाजाही जारी है, लेकिन मौसम को देखते हुए जिगंजिंग बार से सरचू तक का यह मार्ग हिम-स्खलन की स्थिति से अछूता नहीं हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला लाहुल-स्पीति आपदा प्रबंधन ने लोगों से अपील की है कि वह हिम-स्खलन की स्थिति में 89880-98067 व 89880-98068 नंबर पर संपर्क कर आपातकालिन स्थिति की सूचना दे सकते हैं।