24 घंटों के दौरान पूरे देश में सिर्फ 11.03 लाख लोगों को ही लगी वैक्सीन

कोरोना की दूसरी लहर ने कोहराम मचा रखा है। कोरोना महामारी से जंग जीतने के लिए टीकाकरण सबसे बड़ा हथियार माना जा रहा है, लेकिन वर्तमान स्थिति को देखते हुए देश में टीकाकरण की रफ्तार संतोषजनक नहीं है। कई राज्यों में वैक्सीन की कमी है। इसी वजह से टीकाकरण का ग्राफ काफी गिर गया है। ऐसे में सवाल यही उठ रहा है कि आखिर कैसे मिलेगी कोरोना से राहत? 24 घंटों में पूरे देश में केवल 11 लाख 03 हजार 625 टीके लगाए गए। इनमें से भी 6 लाख 29 हजार लोगों को पहली डोज दी गई, जबकि 4 लाख 74 हजार लोगों दूसरी डोज दी गई।

ये रफ्तार बेहद कम है। इससे पहले गुरुवार को 23 लाख, बुधवार को 21 लाख, मंगलवार को 27 लाख डोज दी गई थी।  देश में अब तक 18 करोड़ 04 लाख , 57 हजार 579 लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है। इनमें 13 करोड़ 93 लाख लोगों को पहली डोज दी गई। वैक्सीन की किल्लत सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। देश में केवल छह राज्य ऐसे हैं, जहां एक करोड़ से ज्यादा वैक्सीन की डोज दी चुकी हैं। ये राज्य हैं- गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल।

अगले दो माह में दूर हो जाएगी वैक्सीन की किल्लत

भारत में कोरोना की दूसरी लहर के बीच वैक्सीन की किल्लत ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। इस बीच दिल्ली स्थित एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि करीब दो महीने में देश में टीके बड़ी मात्रा में उपलब्ध हो जाएंगे, क्योंकि वैक्सीन बनाने वाली कंपनियां अपने विनिर्माण संयंत्र खोलना शुरू कर देंगी और वैक्सीन की खुराक उपलब्ध होगी। उन्होंने दूसरे देशों से भी वैक्सीन मंगाने की बात कही है। अधिक से अधिक विनिर्माण संयंत्रों के द्वारा कोविशील्ड, कोवैक्सिन और स्पूतनिक की वैक्सीन का निर्माण भारत में ही किया जाएगा।