कोरोना हुआ, तो टीम से बाहर, जो कोविड से बच पाएगा, वही इंग्लैंड दौरे पर जाएगा

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने इंग्लैंड दौरे पर जाने वाले खिलाडि़यों को सख्त निर्देश दिए हैं। बोर्ड ने कहा है कि इंग्लैंड रवाना होने से पहले अगर कोई खिलाड़ी पॉजिटिव आता है, तो उसको टीम से बाहर कर दिया जाएगा। टीम के फीजियो योगेश परमार ने प्लेयर्स को सख्त हिदायत देते हुए कहा है कि मुंबई में क्वारंटाइन होने से पहले सभी खिलाड़ी सावधानी बरतें और अपने आप को आइसोलेट रखें। टीम इंडिया 19 मई से मुंबई के बायो-बबल में एंट्री कर सकती है। इसके बाद इंग्लैंड पहुंचकर भी विराट कोहली की टीम को दस दिन क्वारंटाइन रहना होगा। बायो-बबल में एंट्री के बाद इंडियन प्लेयर्स, सपोर्ट स्टाफ और उनके फैमिली मेंबर्स की पहले दिन ही कोरोना जांच होगी। इसके साथ ही बीसीसीआई खिलाडि़यों के लिए एक स्पेशल बायो-बबल तैयार करना चाहता है। ऐसा इसलिए, क्योंकि टूअर पर जा रहे 20 खिलाड़ी देश के अलग-अलग राज्यों से हैं और कोरोना को लेकर सभी राज्यों के हालात अलग-अलग हैं।

 बीसीसीआई के एक अधिकारी ने बताया कि बोर्ड खिलाडि़यों को हिदायत दे चुका है। खिलाडि़यों से ये भी कहा गया है कि मुंबई में कोरोना पॉजिटिव आने पर किसी भी खिलाड़ी के लिए अलग से चार्टर्ड फ्लाइट अरेंज नहीं की जाएगी। आईपीएल 2021 में कोरोना के मामले सामने आने के बाद से बोर्ड पहले से ज्यादा सावधान हो चुका है। अधिकारी के मुताबिक, खिलाडि़यों के साथ उनके परिवार वालों की भी जांच की जाएगी। मुंबई से इंग्लैंड रवाना होने से पहले खिलाडि़यों को दो नेगेटिव टेस्ट लाने होंगे। इससे ये पता करने की कोशिश करेंगे कि वे बबल में बिना इन्फेक्शन के आए हैं। बोर्ड ने खिलाडि़यों से प्राइवेट कार और हवाई जहाज से ट्रैवल करने के निर्देश दिए हैं।

सिर्फ कोविशील्ड लगाने का निर्देश

बोर्ड ने इंग्लैंड टूअर पर जाने वाले खिलाडि़यों से सिर्फ कोविशील्ड वैक्सीन का पहला डोज लेने का ही निर्देश दिया है। बोर्ड वैक्सीन के दूसरे डोज के लिए इंग्लैंड से संपर्क में है। दरअसल, इंग्लैंड में एस्ट्रेजेनेका वैक्सीन उपलब्ध है, जो कि कोविशील्ड का वर्जन है। बोर्ड चाहता है कि इंग्लैंड दौरे पर खिलाडि़यों को दूसरे डोज में एस्ट्रेजेनेका उपलब्ध कराया जाए।