केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन, दूसरे राज्यों में एंट्री के लिए कोविड रिपोर्ट का झंझट खत्म

देश में कोरोना की दूसरी लहर के बीच देश के कुछ राज्यों में नए केस कम हो रहे हैं। इस वजह से केंद्र सरकार ने नियमों में छूट देना शुरू कर दिया है। सरकार ने मंगलवार को टेस्टिंग से जुड़ी शर्तों में कुछ बदलाव किए। इसके मुताबिक अब एक से दूसरे राज्य में जाने से पहले आरटी-पीसीआर टेस्ट कराना जरूरी नहीं होगा। बता दें कि मामले बढ़ने के साथ ही कई राज्यों में अपने यहां आने के लिए कोरोना टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट जरूरी कर दी थी।

इस बारे में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के डीजी डा. बलराम भार्गव ने बताया है कि अगर कोई पूरी तरह स्वस्थ है, तो एक राज्य से दूसरे राज्य जाने के लिए आरटीपीसीआर टेस्ट की जरूरत नहीं है। बता दें कि मंगलवार को देशभर में कोहराम मचाने वाली कोरोना की दूसरी लहर का पीक गुजरने के शुरुआती संकेत मिल रहे हैं, क्योंकि नए मामलों के साथ-साथ मौतों में भी कमी का रुझान दिख रहा है। इसके अलावा 61 दिनों के बाद ऐसा हुआ है जब एक दिन में कोरोना के जितने नए मरीज आए, उससे ज्यादा मरीज स्वस्थ हुए। इससे देशवासियों को राहत है।

दूसरी डोज पर प्राथमिकता

हैल्थ सेक्रेटरी राजेश भूषण के मुताबिक राज्य केंद्र की ओर से दिए जा रहे टीकों का 70 प्रतिशत दूसरे डोज के लिए और 30 प्रतिशत पहले डोज के लिए रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने पहला डोज ले लिया है, उन्हें दूसरे डोज के लिए प्राथमिकता पर रखा जाना चाहिए।

पांच दिन से बुखार नहीं तो अस्पताल से छुट्टी

स्वास्थ्य विभाग की नई गाइडलाइन के मुताबिक अगर मरीज को पांच दिन से बुखार नहीं है तो उसे हॉस्पिटल से डिस्चार्ज करने से पहले भी आरटी पीसीआर टेस्ट करने की जरूरत नहीं होगी। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के डीजी डा. बलराम भार्गव ने इसका कारण है कि आरटीपीसीआर आरएनए पार्टिकल को पकड़ता है और शरीर में लाइव वायरस न भी हो, तो भी टेस्ट पॉजिटिव दिखा सकता है।

सभी अस्पतालों में एंटीजन टेस्ट

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के डीजी डा. बलराम भार्गव ने बताया है कि कोरोना की पहली लहर में हमने 70 फीसदी आरटी-पीसीआर 30 फीसदी एंटीजन के लिए कहा था, पर अब एंटीजन पर ज्यादा जोर है की सभी सरकारी और प्राइवेट हॉस्पिटल में रैपिड एंटीजन टेस्ट करने की इजाजत है। इसके लिए किसी से मान्यता लेने की जरूरत नहीं है। घर में टेस्ट के उपायों का पता लगाया जा रहा है।