कांग्रेस के नेता लोगों को गुमराह करना बंद कर दें: भाजपा

शिमला:भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि आज भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने कांग्रेस की नेता सोनिया गांधी को उचित जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने कांग्रेस के नेताओं को वस्तुस्थिति की जानकारी दी है और जिस प्रकार से कांग्रेस के नेता देश की जनता को भ्रमित करते हैं उसके बारे में भी अवगत करवाया है।

उन्होंने कहा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बताया 2020 में कोरोना महामारी के बाद से , प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी महामारी के खिलाफ लड़ाई में गति लाने के लिए सरकार के सभी संसाधनों को साथ लेकर काम कर रहे हैं । आवश्यक क्षेत्रों में प्राथमिकता के साथ चिकित्सा क्षमताओं में वृद्धि की जा रही है और जरूरतमंदों के लिए पर्याप्त सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं । कोरोना का मुकाबला करने के लिए सभी आवश्यक दवाएं और अन्य सामग्रियां पर्याप्त मात्रा में सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं । 2020 में 8 महीनों के लिए भारत सरकारने 80 करोड़ गरीबों को मुफ्त राशन बांटा था । अब भी वही किया जा रहा है ।

मैं इन चुनौतीपूर्ण समय में कांग्रेस पार्टी के आचरण से दुरखी तो हूं , लेकिन हैरान नहीं हूं । आपकी पार्टी के कुछ सदस्य लोगों की मदद करने का सराहनीय काम कर रहे हैं , लेकिन उनकी मेहनत पर आपकी पार्टी के कुछ वरिष्ठ सदस्यों द्वारा फैलाई नकारात्मकता से ग्रहण लगजाता है । हर कोई चाहेगा कि कांग्रेस के शीर्ष नेता लोगों को गुमराह करना , झूठ व दहशत फैलाना और सिर्फ राजनीतिक विरोध के आधार पर अपना पक्ष रखना बंद कर दें ।

पिछले साल जब हमारे वैज्ञानिक , डॉक्टर और नव – आविष्कारक वैक्सीन बनाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे थे , तो आपकी पार्टी के नेताओं ने उनके प्रयास का मजाक उड़ाने का कोई मौका नहीं छोड़ा । भारत ने जो वैक्सीन बनाई है , वह राष्ट्रीय गौरव का विषय होना चाहिए । लेकिन कांग्रेस नेताओं ने लगातार इसका उपहास किया और लोगों के मन में संदेह पैदा करने की कोशिश की । यहां तक कि आपकी पार्टी के एक मुख्यमंत्री भी ऐसी हरकतों में शामिल थे । भारत के हालिया इतिहास में टीकाकरण को लेकर कोई संदेह नहीं रहा है , लेकिन कांग्रेस ने सदी में एक बार आईवैश्विक महामारी के दौरान येसंदेह पैदा करने की कोशिश की ।

कांग्रेस कार्य समिति ने मोदी सरकार को टीकाकरण के बारे में अपनी जिम्मेदारी का सामना करने की बात कही है । क्या कांग्रेस पार्टी और और उन राज्यों के बीच इतनी संवादहीनता हैं , जहां कांग्रेस की सरकारें हैं ? अप्रैल महीने में ही , कांग्रेस के शीर्ष नेता टीकाकरण के विकेंद्रीकरण की मांग कर रहे थे । भारत सरकार ने पहले कुछ चरणों में राज्यों को 16 करोड़ अधिक टीके वितरित करके यह सुनिश्चित किया कि प्राथमिकता समूहों का बड़े पैमाने पर टीकाकरण हो । अब भी कुल टीकों के 50 % निःशुल्क राज्यों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं ।

जिन राज्यों में भाजपा या एनडीए की सरकार है , उन्होंने गरीबों और वंचितों को मुफ्त में टीके उपलब्ध कराने की घोषणा की है । मुझे यकीन है कि विभिन्न राज्यों में जहां कांग्रेस की सरकारें हैं , वे भी गरीबों के लिए दृढ़ता के साथ ऐसा ही करेंगी । लोगों को मुफ्त में वैक्सीन प्रदान करने के लिए क्या वे भी इस तरह का निर्णयले सकते हैं ? भारत में बनी COVID – 19 वैक्सीन किसी राजनीतिक दल या नेता की नहीं है -ये संपूर्ण देश की है । परन्तु इसपर भी कांग्रेस पार्टी ने सही बात करने की जगह केवल गलत राजनीति की ।

आजकल कांग्रेस पार्टी ने एक नया चलन शुरू किया है कि सारा दोष सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट पर डाल दो । मैं आपको याद दिलाना चाहता हूं कि UPA के समय भी नई संसद की आवश्यकता का मुद्दा उठाया गया था । पूर्व लोकसभा अध्यक्ष , आदरणीया मीरा कुमार जी ने स्वयं एक नए संसद भवन की आवश्यकता को रेखांकित किया था । केंद्रीय शहरी विकास मंत्री जी ने भी इस परियोजना के संबंध में बड़ी संख्या में अन्य प्रश्नों के तथ्यों सहित उत्तर दिए हैं । लेकिन फिर भी , कांग्रेस उन तथ्यों पर विश्वास नहीं कर रही है । जनता में इस बात को लेकर विस्मय है कि कांग्रेस एक तरफ तो सेन्ट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का विरोध कर रही है , वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस की छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नए विधानसभा परिसर का निर्माण किया जा रहा है ।

कोविड -19 महामारी के खिलाफ लड़ाई के समय राहुल गांधी समेत अन्य कांग्रेस नेताओं का आचरण दोहरेपन और तुच्छता के लिए याद किया जाएगा । आपके नेतृत्व में कांग्रेसने पहले लॉकडाउन का विरोध किया और फिर उसी की मांग की , कोरोना पर केंद्र सरकार की सलाह को पहले नजरअंदाज किया और फिर ये कहा कि हमें सूचना नहीं मिली , केरल में बड़े पैमाने पर चुनावी रैलियां आयोजित करने से कोविड के मामलों में तेजी आई है , आपकी पार्टी ने बड़ी बड़ी चुनावी रैलियां आयोजित की , वहीं दूसरी तरफ कोरोना दिशानिर्देशों की बात कहकर विरोध – प्रदर्शनों को समर्थन दिया । जब दूसरी लहर तेज हो रही थी , तब भी आपकी पार्टी के नेताओं को उत्तर भारत में उन बड़े राजनीतिक कार्यक्रमों में प्रसन्न मुद्रा में देखा जा रहा था , जहां मास्क या सोशल डिस्टेंसिंग नहीं थी । यह वह समय नहीं है जब समाज के बीच से ऐसी सूचनाओं को मिटाया जा सकता है ।