शैक्षणिक संस्थान 31 मई तक बंद, 6 मई से 16 मई तक कोरोना कर्फ्यू लागू

शिमला. बढ़ते कोरोना संक्रमण (Corona Virus) के चलते हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में सभी शिक्षण संस्थान अगले आदेश तक बंद रहेंगे. अभी 10 मई तक स्कूल-कॉलेज और विश्वविद्यालय बंद हैं. कोरोना की चेन को तोड़ने के लिए राज्य में छह मई की रात 12 बजे से 16 मई तक कोरोना कर्फ्यू लागू रहेगा. इस दौरान सरकारी दफ्तर भी बंद रहेंगे, कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे. प्रदेश में धारा 144 लागू रहेगा.

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में अहम फैसले लिए गए। कैबिनेट ने प्रदेश में कोरोना कर्फ्यू लगाने का फैसला किया। इसी के साथ ही धारा 144 लागू कर दी जाएगी। पांच या इससे ज़्यादा लोग एक जगह इकठ्ठा नहीं होंगे। सभी सरकारी और निजी कार्यालय 7 मई 2021 से 16 मई 2021 की मध्यरात्रि तक बंद रहेंगे। स्वास्थ्य, बिजली, दूरसंचार, जल आपूर्ति, स्वच्छता आदि सभी आवश्यक सेवाएं खुली रहेंगी।

कैबिनेट ने निर्णय लिया कि नागरिक कार्य स्थलों, बागवानी-कृषि और अन्य परियोजना स्थलों पर काम जारी रहेगा। राज्य में शैक्षणिक संस्थान 31 मई, 2021 तक बंद रहेंगे। सभी सरकारी और निजी परिवहन 50 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी के साथ चलेंगे और इंटर-स्टेट परिवहन जारी रहेगा।

कैबिनेट ने राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड के दसवीं कक्षा के करीब डेढ़ लाख विद्यार्थियों को प्रमोट करने का फैसला लिया है। सीबीएसई के मॉडल के आधार पर अंक तय कर विद्यार्थियों को प्रमोट किया जाएगा। फिलहाल अभी 10 मई तक स्कूल कॉलेज और विश्वविद्यालय बंद किए गए थे।

सिर्फ जरूरी सामान की दुकानें खुली रहेंगी। कृषि, सिविल वर्कर, ट्रांसपोर्ट और उद्योग इकाइयां को कर्फ्यू में छूट रहेगी। औद्योगिक प्रतिष्ठान राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार काम करेंगे। प्रदेश में बाहरी राज्यों से आने वालों को आरटीपीसीआर रिपोर्ट लानी होगी, रिपोर्ट नहीं होने पर क्वारंटीन में रहना होगा।

कैबिनेट के लोगों की सुविधा के लिए आवश्यक पदों के साथ मंडी जिले के धर्मपुर में एक नया जल शक्ति सर्किल बनाने का निर्णय लिया। ऊना जिले के कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में थानाकलां में एक जल शक्ति डिवीजन खोलने के लिए भी अपनी सहमति दी। कैबिनेट ने बेहतर प्रशासनिक कामकाज के लिए जल शक्ति सब डिवीजन नंबर 2 ऊना में बेसल को मौजूदा कर्मचारियों और बुनियादी ढांचे को स्थानांतरित करने की अनुमति दी।