कोरोनाकाल में सिरमौर की स्वास्थ्य सुविधाएं राम भरोसे: गंगू राम मुसाफिर

सरकार ने कोरोना काल में जिला सिरमौर को राम भरोसे छोड़ दिया है। शुक्रवार को नाहन मेडिकल कॉलेज में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के सामने कोरोना संक्रमित महिला फर्श पर तड़पती रही। मगर कॉलेज प्रशासन सहित मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, विधायक व ऊर्जा मंत्री किसी का भी का दिल नहीं पसीजा। जबकि महिला के पति की डॉक्टरों की लापरवाही से देर रात को मौत हो चुकी थी। जिसके बाद परिजनों के हंगामा करने के बाद मुख्यमंत्री ने मात्र उनको आश्वासन दिया कि उचित कार्रवाई की जाएगी। यह आरोप सराहां में शनिवार को आयोजित एक पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तथा पूर्व मंत्री जीआर मुसाफिर ने लगाए। जीआर मुसाफिर ने कहा कि जयराम सरकार प्रदेश में हर मोर्चे पर विफल रही है।

उन्होंने क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं पर जयराम सरकार को घेरते हुए कहा कि पिछले कल नाहन में मुख्यमंत्री के समक्ष लोगों का जो गुस्सा था, वो जायज था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सिरमौर में इस महामारी के दौर में भी राजनीतिक रोटिया सेकने ही आये थे। जिला में कोरोना से लगातार मौतें हो रही हैं। पिछले कल नाहन में जो भी घटनाक्रम हुआ, उस पर मुख्यमंत्री की तरफ से किसी भी तरह की प्रतिक्रिया निंदनीय है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गंगूराम मुसाफिर ने कहा कि जिला सिरमौर में विकास बिल्कुल ठप हो गया है।

पच्छाद विस की डबल इंजन की सरकार पूरी तरह फेल हो चुकी है। कांग्रेस सरकार द्वारा किए गए कई निर्माण कार्य 1 वर्ष से अधिक समय हो जाने के बाद भी उद्घाटन को तरस रहे हैं। राजकीय डिग्री कॉलेज सराहां का भवन बनकर तैयार है। मगर सरकार द्वारा उसका लोकार्पण नहीं किया जा रहा है। इसी तरह पजोता डिग्री कॉलेज का निर्माण कार्य भी प्रदेश सरकार शुरू नहीं करवाई पाई। पच्छाद विधानसभा क्षेत्र में सड़कों की हालत बद से बदतर हो चुकी है। लोगों को पानी की समस्या से दिन-रात जूझना पड़ रहा है। हाल ही में हुई ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है।

मुसाफिर ने प्रदेश सरकार से मांग की कि सरकार किसानों का बगवानों को हुए नुकसान का मुआवजा दें। मुसाफिर ने प्रदेश सरकार पर जिला सिरमौर की अनदेखी का भी आरोप लगाया।