हाटी समिति चंडीगढ़ इकाई से भी उठी ट्रांसगिरि को जनजातीय दर्जा देने की मांग

हाटी समिति चंडीगढ़ इकाई

हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर की हाटी समिति चंडीगढ़ इकाई की आम बैठक चंडीगढ़ में संयोजक फ़कीर चन्द चौहान (ग्वाली) के मार्गदर्शन में आयोजित की गई। बैठक मे केंद्रीय हाटी समीति के सक्रिय सदस्य रमेश देसाई विशेष रूप से मौजूद रहे। इस बैठक मे चर्चा के बाद हाटी समीति चंडीगढ़ यूनिट का गठन किया गया। जिसमे सर्व सम्मति से अध्यक्ष महेन्द्र चौहान (बड़वास) को चुना गया। उपाध्यक्ष रमेश देसाईक (शिलाई), सचिव परवेश शर्मा (कमरऊ), कानूनी सलाहकार अधिवक्ता दिनेश चौहान (सतौन), प्रेस सचिव और मीडिया प्रभारी राजेन्द्र शर्मा शमाह, संयुक्त सचिव अधिवक्ता नेहा ठाकुर (भैला) और अभय चौटाला।

हाटी समिति की लड़ाई है काफी पुरानी

हाटी समिति गिरिपार चण्डीगढ़ का गठन अप्रेल 2018 को हों गया था । बैठक का  सिर्फ हाटी मुद्दे की वर्तमान स्थिति एवं ट्राई सिटी में रहने वाले लोगों को जागरूकता बढ़ाने में प्रयास लाना है । हाटी सिमिति चंडीगड़ इकाई का कहना है कि ये लड़ाई काफी पुरानी है । उनका कहना है कि 1977 में जब उत्तराखंड का  जौनसार बाबर अलग होकर उसे दर्जा मिल चुका है जबकि गिरिपार की मांग तब से अभीतक अधर में लटकी हुई है।  समिति का कहना है कि इन मांगों को लेकर काफी सतर्क है। उनका कहना है कि हाटी समिति की मांग केंद्र सरकार को सौपीं गई है। इस बारे में 2018 में हाटी समुदाय की बैठक हरिपूधार में हुई थी जिनमे केंद्रीय जनजातीय मंत्री जोउलू राम भी मौजूद थे। उनका कहना था कि इस क्षेत्र के लोगों की मांग जायज है। उनका कहना था कि इस इलाके की  तरक्की में तभी होगी जब इसे जन जातीय क्षेत्र घोषित किया जाएगा।  इस जाानजातिये  क्षेत्र में तीन इकाई आती है जिनमे रेणुकाजी, शिलाई ओर पच्छाद आता है जिनकी जनसंख्या तकरीबन तीन लाख के करीब है ओर 133 पंचायते है। इसी मुहिम को लेकर 2017 में प्रधानमंत्री नरेंदर मोदी से भी मुलाकात हुई थी। समिति का कहना है कि आज प्रदेश और केंद्र में भाजपा की  सरकार है ओर  इस  मुद्दे में हामी भर कर इसे जनजातीय क्षेत्र घोषित करे ताकि यहां के लोगों की पुरानी मांग पुरी हो सके।

बैठक में वीरेंद्र तोमर को संगडाह प्रभारी डिजिटल और प्रिंट मीडिया का पदभार दिया गया। कार्यकारिणी सदस्यों में टीआर शर्मा गुद्दी मानपुर, अनिल शर्मा (नघेता), संतोष शर्मा, केशव ठाकुर, जतिन तोमर, कपिल तोमर, टीकम चौहान और बैठक में सबसे कम उम्र के युवा निकेतन पुंडीर नौहराधार के नाम शामिल है। इकाई गठन के बाद हुई चर्चा मे चर्चा में भाग लेते हुए इंजिनीयर प्रवेश शर्मा ने सुझाव दिया कि हिमाचल प्रदेश में सिरमौर के ट्रांसगिरि क्षेत्र में ST का दर्जा पाने की इतनी बड़ी लड़ाई कभी भी बिखरी हुई सेना के साथ इतनी धीमी गति से नहीं जीती जा सकती है।

युवा वीरेंद्र तोमर, टीआर शर्मा, अनिल शर्मा, केशव ठाकुर, दीपांशु चौहान, जतिन तोमर और अन्य युवा प्रतिभागियों ने आगे चर्चा करते हुए इस संघर्ष के उद्देश्य और लाभ के बारे में ट्रांसगिरी क्षेत्र के सभी निवासियों को जागरूक करने का सुझाव दिया। ट्राईसिटी में हाटी के जाने-माने चेहरे रहे एडवोकेट दिनेश चौहान ने हिमाचल और विशेषकर सिरमौर के सभी राजनीतिक नेताओं को इस मुद्दे पर एक सूत्र में बांधने के सुझाव दिया। चर्चा के दौरान संयोजक फ़कीर चंद चौहान ने रमेश देसाई से शिलाई में डॉ अमी चंद कमल के साथ हाल ही में हुई बैठक के बारे में जानकारी देने का अनुरोध किया। संयोजक  चौहान ने सारांश व्यक्त करते हुए प्रतिभागियों खासकर युवा प्रतिभागियों द्वारा दिखाए गए उत्साह के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस तरह की प्रतिबद्धता के साथ हम निश्चित रूप से अपने निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने अगली बैठक के लिए केंद्रीय समिति के पदाधिकारियों को आमंत्रित करने की भी बात कही। अंत मे संयोजक फ़कीर चंद चौहान ने महेन्द्र चौहान (बड़वास) और रमेश देसाईक (शिलाई) की प्रतिबद्धता और कार्य के लिए धन्यवाद व्यक्त किया।