सैलानियों की कोरोना रिपोर्ट जांचने से होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने किया इंकार

पंजाब, दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से आने वाले सैलानियों की 72 घंटे पहले तक की आरटी-पीसीआर रिपोर्ट होटलों में जांचने के सरकार के निर्देशों से शिमला होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने इंकार कर दिया है। एसोसिएशन का तर्क है कि उनके पास मेडिकल रिपोर्ट जांचने के लिए प्रशिक्षित स्टाफ नहीं है। ऐसे में सरकार को अपने स्तर पर ही इसकी व्यवस्था करनी चाहिए।

एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सूद कहना है कि हमारा काम सैलानियों की सेवा करना है, जहां तक कोविड निगेटिव रिपोर्ट की जांच का सवाल है तो इसमें गड़बड़ी की भी आशंका है। पिछले साल बहुत से मामले फर्जी निगेटिव रिपोर्ट के सामने आए थे। पैसे देकर बड़े शहरों में लोग लैब से फर्जी रिपोर्ट भी तैयार कर रहे थे। ऐसे में फर्जी रिपोर्ट के साथ टूरिस्ट होटल में पहुंचते हैं तो इसका सत्यापन करना होटल स्टाफ के लिए संभव नहीं है। होटल एसोसिएशन ने मांग उठाई है कि होटल में आने वाला टूरिस्ट अगर अस्वस्थ लगता है तो उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजने की सरकार को व्यवस्था करनी चाहिए।

राहत के नाम पर दिखावा कर रही सरकार
होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन का कहना है कि कोविड काल में पर्यटन कारोबारियों को राहत देने के नाम पर सरकार महज दिखावा कर रही है। बीते साल लॉकडाउन के बावजूद शहर के होटलों को लाखों रुपये के बिजली, पानी के बिल जारी किए गए हैं।

नए निर्देशों के बाद शिमला के होटल खाली
बाहरी राज्यों से आने वाले सैलानियों के लिए कोविड निगेटिव रिपोर्ट साथ लाने की एडवाइजरी लागू होने के बाद राजधानी शिमला में सैलानियों की आमद बहुत कम हो गई है। शुक्रवार को शहर के अधिकतर होटल खाली रहे। ऑक्यूपेंसी महज 5 से 10 फीसदी रही। बाजार में सैलानी नहीं दिखे, पर्यटन स्थल भी वीरान रहे। संजय सूद ने बताया कि इस वीकेंड के लिए एडवांस बुकिंग जीरो है। सैलानियों के आने की कोई उम्मीद नहीं है।