प्राकृतिक व धर्मिक श्रीरेणुकाजी झील में एक यूवक ने कूदकर दी जान

हिमाचल प्रदेश की पहली प्राकृतिक झील श्रीरेणुकाजी में कूदकर जान देने वालों के मामले में एक बार फिर मानसिक तौर पर कमजोर व्यक्ति द्वारा झील में कूदकर जान देने का मामला सामने आया है। वहीं प्रदेश की पहली प्राकृतिक व धर्मिक श्रीरेणुकाजी झील में शनिवार को एक स्थानीय युवक ने कूदकर जीवनलीला  समाप्त की है। इससे पूर्व भी श्रीरेणुकाजी झील में कूदकर जान देने वालों में अधिकतर मानसिक तनाव से पीडि़त लोगों ने ही अपनी जीवन लीला समाप्त की है।

रेणुकाजी झील पूरी तरह से खुले क्षेत्र में

रेणुकाजी झील के लगभग डेढ़ किलोमीटर रेडियस में झील हालांकि पूरी तरह से खुले क्षेत्र में है। वहीं स्नानाघाट के पास रेणुकाजी विकास बोर्ड ने लोहे की जालियों से संरक्षित भी किया है। बावजूद इसके युवक झील में तैरने के लिए पेड़ों व जालियों के ऊपर से छलांग लगाते हैं। वहीं इससे पूर्व भी झील में आधा दर्जन मामले कूदकर जीवन लीला समाप्त होने के पेश आ चुके हैं।

प्रशासन से गोताखोरों व सुरक्षा की  गई थी मांग  

इस दौरान भी यहां पर प्रशासन से गोताखोरों व सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस व होमगार्ड के कर्मचारी की ड्यूटी लगाने की मांग की गई थी, मगर अंतरराष्ट्रीय श्रीरेणुकाजी मेले के अलावा यहां पर सुरक्षा व गोताखोरों की तैनाती नहीं होती है, जिसके चलते युवक व इस तरह के मानसिक तौर पर बीमार लोग झील में कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त करने जैसा कदम उठाते हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि रेणुकाजी झील में मेले के अलावा पर्यटन सीजन व खास अवसरों पर होने वाले स्नान इत्यादि के दौरान गोताखोरों व सुरक्षा बलों का इंतजाम किया जाए।

क्या कहना है पुलिस का

पुलिस के मुताबिक रेणुका झील में  तकरीवन 24 साल के युवक का शव मिला है . ये युवक गावं धार तरन का रहने वाला  है जो की तहसील ददाहू में पड़ता है .युवक का नाम राजिंदर सिंह है .  पुलिस का कहना है की इस युवक की खाला क्यार के उप प्रधान द्वारा  पुलिस स्टेशन रेणुका जी में रिपोर्ट  दर्ज की गई थी .  पुलिस ने युवक का शव परिजनों को  सोंप  कर आगे की कारवाही में जुट गई है .