कार्यकर्ताओं में नया जोश भरेंगे पूर्व मुख्यमंत्री

नगर निगम सोलन के चुनाव प्रचार में भाजपा से पिछड़ती जा रही कांग्रेस को एक बार फिर अपने सबसे कद्दावर नेता की याद आई है। भाजपा के धुंआधार प्रचार के बाउंसर्ज से बैकफुट पर फंसी कांग्रेस अब इस चुनावी मैदान में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को उतराने जा रही है। कांग्रेस नेताओं को उम्मीद है कि पूर्व मुख्यमंत्री के मैदान में उतरने से वे चुनाव में खो चुकी अपनी लीड को किसी हद तक कवर कर पाएंगे। वीरभद्र सिंह सोमवार को सोलन के पुराना बस स्टैंड में जनसभा को संबोधित करेंगे। गौर रहे कि निगम चुनावों का बिगुल बजने के साथ ही दोनों ही पार्टियों ने चुनाव प्रचार को तेज करना आरंभ कर दिया था, लेकिन भाजपा ने बाजी मारते हुए एक के बाद एक अपने दिग्गजों को चुनाव प्रचार में उतारकर कांग्रेस को बैकफुट पर ला दिया है। अकेले मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ही पिछले एक माह में तीन मर्तबा सोलन आकर चुनाव-प्रचार कर चुके हैं। निगम चुनाव की घोषणा के बाद सर्वप्रथम आभार रैली के रूप में मुख्यमंत्री सोलन आए थे

। इसके पश्चात बीते एक सप्ताह में ही दो बार मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सोलन के प्रवास पर चुके हैं और लगभग सभी वार्डों में ताबड़तोड़ सभाएं कर पार्टी प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान की अपील की। इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्री डा. राजीव सहजल, ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी सहित सोलन व सिरमौर के भाजपा विधायक सोलन में डेरा जमाए हुए हैं। चुनाव के लिए प्रभारी बनाए गए डा. राजीव बिंदल स्वयं प्रचार में डटे हैं और मोहल्लों में जा-जाकर मतदाताओं को भाजपा के पक्ष में करने का प्रयास कर रहे हैं। दूसरी ओर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप राठौर, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री के अलावा कांग्रेस का कोई भी बड़ा नेता सोलन में प्रचार के लिए नहीं पहुंचा है।

यहां प्रचार का सारा जिम्मा चुनाव प्रभारी राजेंद्र राणा व सोलन के विधायक कर्नल धनीराम शांडिल के कंधों पर है। मुख्यमंत्री के इस प्रचार व भाजपा की रणनीति से बैकफुट पर खड़ी कांग्रेस को भी प्रचार में तेजी लाने के लिए एक ऐसे ही प्रदेश स्तरीय नेता को चुनाव प्रचार में लाने की आवश्यकता महसूस हो रही थी। ऐसे में कांग्रेस को एक बार फिर से प्रदेश कांग्रेस के कद्दावर नेता व छह बार के मुख्यमंत्री रह चुके वीरभद्र सिंह की याद आई है।