पानी की एक-एक बूंद के लिये तरस रहे लोग, पानी बेचने वाले की हो रही तकड़ी कमाई

अभी अप्रैल का महीना शुरू ही हुआ है कि गत 7 दिनों से सराहां व इसके आस पास के इलाके के लोग पानी की एक एक बूंद के लिये भटक रहे है।आलम यह है कि लोग 700 से 1000 रुपये देकर पानी का एक टैंकर खरीद रहे है। इससे जहां गरीब ग्रामीणों की जेब पर महंगाई के इस आलम में अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है वही पानी बेचने वाले तकड़ी चाँदी कूट रहे हैं। इसे विभाग की लापरवाही कहे या प्रशाशन की अदूरदर्शिता या फिर यहाँ के स्थानीय नेताओं की पानी की समस्या का समाधान करने के लिये बरती जा रही उदासीनता जो आज इलाके वासियो को पानी भी खरीद कर पीना पड़ रहा है।अगर इनमे से किसी एक ने भी समस्या के समाधान के लिये जरा भी प्रयास किये होते तो इलाके वासियो को यह दिन नही देखना पड़ता।गोर तलब है कि बडू साहिब के जिस स्तोत्र से सराहां के लिये पानी की सप्लाई आती है वहां के ग्रामीणों के साथ जल विवाद काफी पुराना है यदा कदा वो पानी के स्तोत्र पर अपना हक जता कर पानी की सप्लाई बाधित करते रहते है।

वहीं इसकी पाइप लाइन को लेकर भी लोगो द्वारा कई बार सवालिया निशान लगाए गया है फिर चाहे दुर्गम क्षेत्र से गुजरती हुई पाइप लाइन के अकसर खराब रहने के कारण या फिर इस परियोजना को बिजली आपूर्ति प्रदान करने वाले ट्रांसफार्मर के खराब होने के कारण कई कई दिनों तक इलाके में पानी नही आता है।जिसके लिये लोगो ने विभाग,प्रशासन व विभिन सरकारों से कई बार गुजारिश की

लेकिन आजतक प्रशासन व विभाग ने इसका कोई स्थायी समाधान नही निकाला ।यहाँ के नेताओ ने तो इसे राजनीतिक रोटियां सेंकने का जरिया ही बनाया है।अब जब स्थानीय लोगो ने विभाग के पंप उखाड़ दिया और अपने निजी पंप व कुहलो से पानी अपने क्षेत्र में ले गये तो सराहां को पानी की सप्लाई देने वाला स्तोत्र सुख गया ।उसके उपरांत विभाग व प्रशाशन हरकत में आया और एसडीएम पच्छाद डॉ शशांक गुप्ता के नेतृत्व में विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों का एक दल शुक्रवार को मोके पर पहुंचा। हालांकि उन्होंने पानी की समयसारिणी बनाना,मोजे के मुताबिक लोगो के पानी के अधिकार सुनिश्चित करने,लोगी द्वारा लगवाए गये निजी पम्पो को हटवाना ,इलाके के पटवारी व आईपीएच विभाग के कर्मचारियों से इलाके का सर्वे करवाना जैसे आकस्मिक समाधान निकालने की कोशिश की लेकिन वो भी इस समस्या का स्थाई समाधान निकालने में असमर्थ नजर आ रहे है।स्रोत्रों में लगातार रही पानी की कमी,व उसको बढ़ाने के उपायों पर कार्य करना व जल के अन्य स्तोत्रों की खोज करना भी अनिवार्य है।

स्थानीय लोगो मे पानी की समस्या को लेकर काफी रोष है।लोगो ने प्रशासन,विभाग व सरकार से अपील की है कि जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करे वरना उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।वही इस विषय पर शिमला संसदीय क्षेत्र से सांसद व भाजपा के प्रदेश अध्य्क्ष सुरेश कश्यप ने बताया कि समस्या के समाधान के लिये अधिकारियों को निर्देश दे दिये गये है।आगामी 8 अप्रैल को उनके सराहां आगमन पर विस्तारपूर्वक चर्चा करके इस समस्या के समाधान के लिये उचित कदम उठाए जाएंगे।